RE-NEET परीक्षा संपन्न: मेडिकल की पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का इंतजार आज खत्म हो गया। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा Neet UG आखिरकार कड़ी सुरक्षा और तमाम इंतजामों के बीच पूरी हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर आते छात्रों के चेहरों पर एक मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ छात्र राहत महसूस कर रहे थे, तो कुछ के मन में आगे के नतीजों को लेकर थोड़ी घबराहट भी थी। आइए जानते हैं कि इस बार सरकार और प्रशासन ने इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा कराने के लिए क्या खास तैयारियां की थीं।

5 हजार से ज्यादा केंद्रों पर जैमर्स और सुरक्षा का कड़ा पहरा
आज दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई इस परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी थी। पिछले दिनों पेपर लीक के आरोपों के बाद जिस तरह पुरानी परीक्षा रद्द हुई थी, उसे देखते हुए इस बार सुरक्षा के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया था। देश-विदेश के 5,400 से अधिक केंद्रों पर नकल रोकने के लिए 51 हजार से ज्यादा जैमर्स का इस्तेमाल किया गया, ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके।
इतना ही नहीं, पूरे देश में करीब 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मुस्तैद किया गया था। परीक्षा के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए अलग-अलग सेंटर्स की सीधी निगरानी कर रहे थे। परीक्षा को सही तरीके से शुरू कराने के लिए 20 जून को एक मॉक ड्रिल भी की गई थी, ताकि एनटीए (NTA) की तैयारियों में कोई कमी न रह जाए।

RE-NEET परीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की अनूठी पहल और कोलकाता की छात्रा को विशेष मदद
इस परीक्षा के दौरान कुछ ऐसी खबरें भी सामने आईं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बंगाल दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 45 मिनट तक सिर्फ इसलिए इंतजार किया ताकि परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को उनके काफिले की वजह से किसी भी तरह के ट्रैफिक जाम का सामना न करना पड़े।

वहीं दूसरी ओर, कोलकाता की एक घायल छात्रा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मानवीय कदम उठाया। एक्सीडेंट का शिकार हुई एक छात्रा की मदद के लिए खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आगे आए। परीक्षा केंद्र पर उस छात्रा के लिए एक अलग कमरे और जरूरी मेडिकल सुविधाओं का इंतजाम कराया गया और मंत्री ने खुद फोन पर बात कर उसका हौसला भी बढ़ाया। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सीबीएसई के बाकी बचे नतीजे भी जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे।
22 लाख से अधिक उम्मीदवारों की भागीदारी वाली इस RE-Neet परीक्षा का शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होना सरकार और छात्रों दोनों के लिए एक बड़ी राहत है। कड़े सुरक्षा इंतजामों और तकनीकी पाबंदियों के बीच हुई इस परीक्षा के बाद अब उम्मीदवारों को इसके नतीजों का इंतजार रहेगा। उम्मीद है कि इस बार बिना किसी विवाद के सही और योग्य छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिल सकेगा।




