Lucknow: बुधवार का दिन उत्तर प्रदेश के हज यात्रियों के लिए बहुत खास है। Lucknow के सरोजनीनगर स्थित मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस से इस साल का पहला जत्था अपनी मुकद्दस यात्रा के लिए रवाना हुआ। अपनों को विदा करने आए परिजनों की आँखों में जहाँ खुशी के आँसू थे, वहीं यात्रियों के चेहरों पर खुदा के घर जाने का सुकून साफ दिख रहा था।
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हज यात्रियों का पहला जत्था
इस पहले जत्थे में कुल 427 हज यात्री शामिल हैं। इन यात्रियों को विदा करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी और कई बड़े धर्मगुरु मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बसों को हरी और झंडी दिखाई, जिसके बाद यात्री चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। दोपहर करीब 2:20 बजे इनकी फ्लाइट ने उड़ान भरेगी। इस मौके पर कानपुर के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी भी अपने भाइयों को विदा करने पहुंचे और भावुक नजर आए।

हज यात्रा में AI तकनीक का इस्तेमाल
इस बार की हज यात्रा तकनीकी रूप से बहुत उन्नत होने वाली है। मंत्री दानिश आजाद ने बताया कि भारत पहली बार हज यात्रा में AI तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहा है। सभी यात्रियों को एक खास ‘स्मार्ट वॉच’ दी गई है। यह घड़ी न केवल उन्हें अज़ान के समय की जानकारी देगी, बल्कि इसके जरिए यात्रियों को ट्रैक भी किया जा सकेगा। अगर कोई यात्री रास्ता भटक जाता है या किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर फंस जाता है, तो इस तकनीक की मदद से उसे तुरंत तलाशा जा सकेगा।

हज सुविधा ऐप और स्वास्थ्य इंतजाम
गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया है। यात्रियों की मदद के लिए हज सुविधा ऐप (Haj Suvidha App) लॉन्च किया गया है, जिसमें एक ‘SOS’ बटन दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति या बीमारी की हालत में यात्री इस बटन को दबाकर मेडिकल टीम को बुला सकते हैं। यात्रियों के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक पूरी टीम भी भेजी गई है। सऊदी अरब में भी उत्तर प्रदेश हज कमेटी के डेलिगेशन ने पहले ही जाकर सभी सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया है, ताकि जायरीन को वहां कोई परेशानी न हो।
Lucknow हज हाउस की रौनक
हज हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कौमी एकता की झलक भी देखने को मिली। मंच पर मौलाना उमैर इलयासी, मौलाना यासूब अब्बास और मौलाना सैफ अब्बास जैसे तमाम शिया-सुन्नी धर्मगुरु मौजूद थे। सभी ने यात्रियों को सुरक्षित यात्रा की दुआएं दीं। परिजनों के लिए यह पल काफी भावुक था; बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई अपने करीबियों को गले लगाकर विदा कर रहा था। सरकार की कोशिश है कि लखनऊ से लेकर मक्का-मदीना तक यात्रियों को वीआईपी सुविधाएं मिलें और वे बिना किसी असुविधा के अपनी इबादत पूरी कर सकें।
इस बार की हज यात्रा केवल धार्मिक इबादत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक और बेहतर प्रबंधन का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश कर रही है। AI और स्मार्ट वॉच जैसी सुविधाओं से लैस होकर जा रहे हमारे हज यात्री अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। उम्मीद है कि यह आधुनिक बदलाव भविष्य की यात्राओं को और भी सुगम बनाएगा।
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