सावधान! Lucknow में फिर खूनी हुआ chinese manjha, 6 साल की मासूम की कटी गर्दन

Lucknow

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राजधानी लखनऊ की सड़कों पर एक बार फिर मौत का धागा दौड़ता नजर आया है। रविवार की दोपहर एक परिवार के लिए किसी डरावने सपने जैसी साबित हुई। वजीरगंज इलाके में अपने पिता के साथ बाइक पर जा रही एक 6 साल की नन्हीं बच्ची Chinese manjha की चपेट में आ गई। यह घटना इतनी दर्दनाक थी कि बच्ची की गर्दन और हाथ की उंगली बुरी तरह कट गई। डॉक्टरों को मासूम की जान बचाने के लिए उसकी गर्दन पर 10 टांके लगाने पड़े। यह खबर हम सबके लिए एक चेतावनी है कि प्रतिबंध के बावजूद हमारे आसपास यह जानलेवा मांझा अब भी खुलेआम बिक रहा है और इस्तेमाल हो रहा है।

पिता की बाइक पर बैठी थी मासूम अबीरा

कैसरबाग के ओडियन सिनेमा के पास रहने वाले खलील अहमद रविवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी बेटी अबीरा के साथ बाइक से घर का सामान लेने निकले थे। अबीरा हमेशा की तरह पिता के आगे वाली सीट पर बैठी थी। जैसे ही वे जगत नारायण रोड स्थित गोलागंज चौराहे के पास पहुंचे, आसमान से झूलता हुआ एक Chinese manjha सीधा अबीरा की गर्दन में फंस गया। खलील जब तक कुछ समझ पाते और बाइक रोकते, तब तक धारदार मांझे ने अपना काम कर दिया था। मासूम की गर्दन से खून की धार बहने लगी और चीख-पुकार मच गई।

Chinese manjha

10 टांके और एक कटी हुई उंगली

घटना के तुरंत बाद खलील ने हिम्मत दिखाई और अपनी रुमाल से बच्ची की गर्दन बांधकर खून रोकने की कोशिश की। वे तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखा कि जख्म काफी गहरा है। अबीरा की गर्दन पर 10 टांके लगाए गए और उसकी कटी हुई उंगली पर पट्टी बांधी गई। खुशनसीबी रही कि समय पर इलाज मिल गया और अब बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन उसके मन पर बैठा यह डर शायद ही जल्दी जाए। बच्ची के पिता ने गुस्से में मांग की है कि ऐसे लोगों को पकड़कर सीधे जेल भेजना चाहिए जो Chinese manjha का इस्तेमाल करते हैं।

Chinese manjha

पुलिस ने 6 पतंगबाजों को किया गिरफ्तार

इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई। वजीरगंज थाना पुलिस ने छापेमारी करते हुए रीड हाल सेनेट्रियल कॉलेज के पास से 6 लड़कों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी प्रतिबंधित Chinese manjha से पतंग उड़ा रहे थे। पुलिस ने साजिद, फहीन, आमिर, रिजवान, नासीर और अल्तमस नाम के इन लड़कों के पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांझा और पतंगे भी बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि शहर में अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जो छिपकर इस जानलेवा धागे की बिक्री कर रहे हैं।

Chinese manjha

क्यों इतना खतरनाक है यह धागा?

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में Chinese manjha की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन है। सामान्य सूती धागे के मुकाबले इसमें नायलॉन, लोहे के चूरे और कांच के पाउडर का इस्तेमाल होता है। इसे ‘मेटलिक कोटेड’ भी कहा जाता है, जिससे इसकी धार किसी ब्लेड से भी ज्यादा तेज हो जाती है। यह नायलॉन का धागा जल्दी टूटता नहीं है और खींचने पर सीधा शरीर के अंगों को काट देता है। यही वजह है कि इसे इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए ‘मौत का जाल’ माना जाता है।

Chinese manjha

हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी

इस गंभीर मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ भी सख्त रुख अपना चुकी है। इसी साल फरवरी में कोर्ट ने साफ कहा था कि केवल सरकारी आदेशों से काम नहीं चलेगा, इसके लिए कड़े कानून बनाने होंगे। कोर्ट ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि अगर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल नहीं रुका, तो सरकार को पीड़ितों को मुआवजा देना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पहले ही निर्देश दिए थे कि अगर इस मांझे से किसी की जान जाती है, तो जिम्मेदार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया जाए।

लखनऊ में हादसों की लंबी फेहरिस्त

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों को देखें, तो लखनऊ में चाइनीज मांझे दर्जनों लोगों को अपना शिकार बना चुका है। साल 2017 से लेकर अब तक लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में फरवरी 2026 में दुबग्गा के एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की गला कटने से मौत हो गई थी। उसके ठीक अगले दिन एक पूर्व एयरफोर्स कर्मी भी इसका शिकार हुए थे। पुलिस की तमाम कोशिशों और बैन के बावजूद यह खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

सुरक्षा के लिए क्या करें?

जब तक समाज से यह Chinese manjha पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक हमें खुद ही सावधानी बरतनी होगी। अगर आप बाइक पर बच्चे को आगे बैठाते हैं, तो उसकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। हेलमेट पहनना और गर्दन के पास कोई स्कार्फ या मोटा कपड़ा लपेटना मददगार हो सकता है। इसके अलावा, कई लोग बाइक के आगे लोहे का गार्ड या तार लगवाते हैं ताकि धागा गर्दन तक न पहुँच सके। सबसे जरूरी है कि हम खुद जागरूक बनें और अगर कहीं भी इस प्रतिबंधित धागे की बिक्री देखें, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

अबीरा के साथ हुआ यह हादसा एक सबक है। पतंगबाजी का शौक किसी की जान लेने के लिए नहीं होना चाहिए। Chinese manjha का इस्तेमाल करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि एक बड़ी मानवीय भूल भी है। अगर हम आज नहीं सुधरे, तो कल कोई और मासूम इसकी चपेट में आ सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वे उन बड़े डीलरों पर नकेल कसें जो गुपचुप तरीके से इसे बाजारों में पहुँचा रहे हैं। सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

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