Lucknow Airport : लखनऊ एयरपोर्ट पर घटेगी उड़ानों की संख्या: हवाई सफर करने से पहले पढ़ लें यह जरूरी खबर

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Lucknow Airport : अगर आप आने वाले दिनों में लखनऊ से कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं या किसी ट्रिप की तैयारी में हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। दरअसल, नवाबों के शहर लखनऊ से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अब उड़ानों के लिए पहले से कम विकल्प मिल सकते हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और आसमान छूती विमान ईंधन की कीमतों का सीधा असर अब हमारी हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले की वजह क्या है और इससे आपकी यात्रा पर क्या असर पड़ने वाला है।

हवाई यात्रियों की जेब और सहूलियत पर असर

लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अब फ्लाइट्स की टाइमिंग चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। एयरलाइन कंपनियों ने घाटे से उबरने के लिए लखनऊ से चलने वाली कई डोमेस्टिक फ्लाइट्स के फेरे (फ्रीक्वेंसी) कम करने की तैयारी कर ली है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ से गोवा, नवी मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, रांची, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद और चेन्नई समेत 11 बड़े शहरों के लिए जाने वाली उड़ानों में यह कटौती देखी जा सकती है।

Lucknow Airport

इसका सीधा मतलब यह हुआ कि जिन शहरों के लिए दिन में तीन या चार फ्लाइट्स थीं, वहां अब सिर्फ एक या दो ही उड़ानें मिलेंगी। ऐसे में अगर आपको अचानक कहीं जाना पड़े, तो शायद आपको मनचाहे समय पर टिकट न मिले या फिर आपको कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़े, जिससे आपका समय और पैसा दोनों ही ज़्यादा खर्च होंगे।

ईंधन की कीमतों और कम यात्रियों का दोहरी मार

हवाई कंपनियों के इस अचानक फैसले के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट में चल रही उथल-पुथल है। एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो पश्चिम एशिया के हालातों के चलते विमान ईंधन (ATF) के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, लखनऊ से कुछ रूट ऐसे भी हैं जहां उम्मीद के मुताबिक पैसेंजर्स नहीं मिल रहे हैं।

जब सीटें खाली जाती हैं और ईंधन महंगा होता है, तो कंपनियों को हर उड़ान पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए कंपनियों ने अब कम मांग वाले रूटों पर अपनी उड़ानों को सीमित करने की रणनीति अपनाई है। इस समय वह उन रूट्स की फाइनल लिस्ट तैयार कर रही हैं जहां लागत बहुत ज़्यादा आ रही है।

एयरपोर्ट के रोजाना के कामकाज पर पड़ेगा प्रभाव

आपको बता दें कि वर्तमान में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हर दिन लगभग 140 विमानों की आवाजाही होती है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख एविएशन हब है। लेकिन अगर यह प्रस्तावित कटौती लागू हो जाती है, तो रोजाना उड़ने वाले इन 140 विमानों की संख्या में काफी कमी आ जाएगी।

विशेषज्ञों का तो यह भी कहना है कि जिन रूटों पर पहले से ही बहुत कम यानी सिर्फ एक या दो सीधी उड़ानें थीं, वहां उड़ानों की संख्या घटने का मतलब यह भी हो सकता है कि वह सर्विस कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद हो जाए। मिसाल के तौर पर, नवी मुंबई और अहमदाबाद के लिए लखनऊ से बहुत ही सीमित डायरेक्ट फ्लाइट्स हैं, जिन पर अब बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।

कुल मिलाकर कहें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव का खामियाजा अब लखनऊ के आम हवाई यात्रियों को भी भुगतना पड़ेगा। उड़ानों की संख्या कम होने से आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के दाम बढ़ने की भी पूरी आशंका है। इसलिए हमारी सलाह यही है कि आप जब भी अपनी अगली हवाई यात्रा का प्लान बनाएं, तो फ्लाइट्स के शेड्यूल और उनकी उपलब्धता को पहले ही अच्छी तरह से चेक कर लें ताकि ऐन वक्त पर आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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