LDA Lottery PM Awas Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अल्प आय वर्ग के 407 परिवारों को अपने सपनों का घर सौंपकर एक बड़ी सौगात दी है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी सभागार में पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदकों को मकानों का आवंटन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया को आवेदकों के हाथों से ही लकी ड्रा की पर्चियां निकालकर पूरा किया गया, जिसका यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया गया।
शारदा नगर और बसंतकुंज योजना में हुआ आवंटन
एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने आवंटन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि शारदा नगर विस्तार योजना में रिक्त 207 प्रधानमंत्री आवासों के लिए कुल 4,553 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 2,367 पात्र पाए गए आवेदकों के बीच भवनों की लॉटरी कराई गई। वहीं, बसंतकुंज योजना के सेक्टर-एन में रिक्त 200 पीएम आवासों के लिए प्राप्त 2,704 आवेदनों में से 1,514 पात्र लोगों के बीच लकी ड्रा निकाला गया। सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चली इस प्रक्रिया में कुल 407 सफल आवेदकों को आवास आवंटित कर दिए गए। लाभार्थियों द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि का भुगतान करते ही उन्हें अनुबंध के तहत मकानों का कब्जा दे दिया जाएगा।
शमन मानचित्र के नाम पर टालमटोल करने वाले 10 बिल्डरों पर कार्रवाई
एक तरफ जहां एलडीए जरूरतमंदों को मकान दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ अवैध निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी जारी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर गोमती नगर विस्तार में कार्रवाई करते हुए 10 अवैध निर्माणों को पुनः सील कर दिया गया। ये वे निर्माण थे जिनके मालिक शमन (कंपाउंडिंग) मानचित्र के नाम पर ऑनलाइन आवेदन करके प्रक्रिया में टालमटोल कर रहे थे और अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे थे।
सील किए गए निर्माणों में वर्कशॉप, अपार्टमेंट और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स शामिल
प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि कुछ बिल्डर कार्रवाई से बचने के लिए नक्शे का आवेदन तो कर देते हैं लेकिन बाद में जानबूझकर शमन प्रक्रिया को पूरा नहीं करते। ऐसे लोगों को चिन्हित कर प्रवर्तन टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। जिन अवैध निर्माणों पर यह बुलडोजर और सीलिंग की गाज गिरी है, उनमें आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित कार वर्कशॉप, बहुमंजिला अपार्टमेंट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।







