Janakpurdham to Ayodhya Train : भारत और नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की तैयारी चल रही है। रामायण सर्किट के तहत नेपाल के जनकपुरधाम से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक विशेष ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके लिए दोनों देशों के अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्ताव है कि 22 नवंबर से शुरू होने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से इस रेल सेवा का उद्घाटन करें। हालांकि, उद्घाटन की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस रेल सेवा के शुरू होने से जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। दोनों ही स्थान रामायण से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के केंद्र हैं। ऐसे में प्रस्तावित ट्रेन सेवा को रामायण सर्किट के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेलवे और सुरक्षा अधिकारियों ने किया निरीक्षण
विशेष ट्रेन संचालन की तैयारियों के तहत हाल ही में भारत और नेपाल के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने रेलखंड का निरीक्षण किया था। इस टीम में रेलवे, सुरक्षा, सीमा शुल्क और आव्रजन विभाग के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने बिहार के मधुबनी जिले में स्थित जयनगर रेलवे स्टेशन से विशेष निरीक्षण यान के माध्यम से जनकपुरधाम-कुर्था रेलखंड का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा, पहचान की जांच और आव्रजन प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को सीमा पार करने में किसी तरह की परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावी बनी रहे।
इन शहरों से होकर गुजर सकती है ट्रेन
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, जनकपुरधाम से चलने वाली विशेष ट्रेन जयनगर, दरभंगा और सीतामढ़ी होते हुए अयोध्या तक पहुंच सकती है। हालांकि, ट्रेन का अंतिम रूट अभी निर्धारित नहीं हुआ है। इसके अलावा किन स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव होगा, टिकट का किराया कितना रहेगा और संचालन की समय सारिणी क्या होगी, इन सभी पहलुओं पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बनी सहमति
ट्रेन संचालन के लिए दोनों देशों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। प्रस्ताव के अनुसार, नेपाल की सीमा में ट्रेन और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी नेपाली सुरक्षा एजेंसियों की होगी, जबकि भारतीय क्षेत्र में यह दायित्व भारतीय सुरक्षा एजेंसियां संभालेंगी।
फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी उद्घाटन और संचालन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे हैं। आधिकारिक घोषणा के बाद इस विशेष रेल सेवा के रूट, किराये और समय सारिणी की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।







