India-US Relations: भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए शनिवार (23 मई) को राजधानी नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के चार-दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आए नवनियुक्त अमेरिकी विदेश मंत्री (Secretary of State) मार्को रुबियो से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच हुई इस व्यापक वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, द्विपक्षीय व्यापार, उन्नत और महत्वपूर्ण तकनीकों (Strategic Technologies), ऊर्जा सुरक्षा और समसामयिक क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
इन प्रमुख रणनीतिक एजेंडों पर केंद्रित रही चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों की निरंतर प्रगति से अवगत कराया:
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सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी: दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और रक्षा तकनीकों के सह-उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति बनी।
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मुक्त हिंद-प्रशांत (Free & Open Indo-Pacific): भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बैठक को बेहद रचनात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देश एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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वैश्विक शांति और पश्चिम एशिया संकट: बैठक के दौरान मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया (Mid-East) के ताजा घटनाक्रमों पर वाशिंगटन का दृष्टिकोण साझा किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने शांति प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और स्पष्ट किया कि सभी संघर्षों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के जरिए ही संभव है।
India-US Relations: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजा विशेष संदेश
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश मंत्री रुबियो से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देने का अनुरोध किया। पीएम मोदी ने कहा कि वह भारत-अमेरिका वैश्विक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ निरंतर संवाद और मिलकर काम करने के प्रति उत्सुक हैं।
मुलाकात के दौरान दोनों देशों के ये शीर्ष दिग्गज रहे मौजूद
हैदराबाद हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दोनों देशों के शीर्ष कूटनीतिक और सुरक्षा सलाहकार शामिल थे:
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भारत की ओर से: विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
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अमेरिका की ओर से: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एलीसन हुकर और प्रिसिंपल डिप्टी एनएसए रॉबर्ट गेब्रियल।
कोलकाता से शुरू हुआ 4 दिवसीय दौरा; 26 मई को ‘QUAD’ में लेंगे हिस्सा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी पत्नी जीनेट डी. रुबियो के साथ शनिवार को भारत पहुंचे हैं। उन्होंने अपने भारत दौरे की शुरुआत पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से की, जहां उन्होंने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ जाकर मदर टेरेसा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रुबियो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कैथोलिक आस्था के इस जीवंत प्रतीक को देखना और मदर टेरेसा की विरासत को नमन करना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है।
क्वाड बैठक पर टिकी नजरें: यह दौरा आगामी 26 मई को नई दिल्ली में होने वाली ‘क्वाड’ (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले हो रहा है। अपने चार दिनों के इस प्रवास के दौरान मार्को रुबियो दिल्ली में कूटनीतिक वार्ताओं के अलावा उत्तर प्रदेश के आगरा और राजस्थान के जयपुर का भी भ्रमण करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पूरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देना है।







