India Bolivia Relations : भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के अपने अहम साझेदार देश बोलीविया की ओर एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने बोलीविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने और वहां के नागरिकों की सहायता के लिए 8 मीट्रिक टन जरूरी और जीवनरक्षक दवाओं की एक बड़ी खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मानवीय सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि भारत वैश्विक सहयोग और एकजुटता के लिए हमेशा तत्पर रहता है और साझा प्रगति की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने एक्स (X) पर साझा की जानकारी
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मदद की पुष्टि करते हुए लिखा कि ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख साझेदार देश का समर्थन करने के लिए भारत आगे आया है। मंत्रालय ने कहा कि 8 मीट्रिक टन जीवनरक्षक दवाइयों की यह खेप बोलीविया की स्वास्थ्य क्षमताओं को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी। भारत ने दोहराया कि वह आपसी सहयोग, भाईचारे और साझा विकास के जरिए विश्व कल्याण के लिए हमेशा तैयार है।
भारत और दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इस साल फरवरी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में भाग लेने के लिए बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो भारत आए थे। नई दिल्ली में हुई इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सौर ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य-चिकित्सा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने पर सहमति बनी थी।
पहले भी भारत भेज चुका है वैक्सीन और मेडिकल किट
यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने बोलीविया को स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायता प्रदान की है। इससे पहले भी पिछले वर्ष जुलाई में भारत ने बोलीविया को 3 लाख खुराक एमआर (खसरा और रूबेला) वैक्सीन और टीकाकरण से जुड़ी सामग्री दान की थी। उस समय बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी ला पाज के एल आल्टो हवाई अड्डे पर आयोजित एक विशेष समारोह में बोलीविया में भारत के राजदूत रोहित वाधवाना ने यह खेप औपचारिक रूप से सौंपी थी। इस अवसर पर बोलीविया की विदेश मंत्री सेलिंडा सोसा लुंडा और स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहे थे।







