Gwalior Road Accident : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। इस दुर्घटना में 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 33 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से घोषित सहायता का उद्देश्य दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों और घायलों को आर्थिक संबल देना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
राज्य सरकार की ओर से घोषित सहायता के अनुसार:
- मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये।
- गंभीर रूप से घायलों को: 2-2 लाख रुपये।
- अन्य घायलों को: 50-50 हजार रुपये।
इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है। इन दोनों सहायता योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि अलग-अलग है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के मुताबिक, सभी घायलों का अस्पतालों में निशुल्क उपचार कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार, हादसे में प्रभावित लोग मुख्य रूप से ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के रहने वाले हैं। घायलों में महिलाएं, बच्चे और दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं।
मंत्रियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों ऐदल सिंह कसाना और राजेश शुक्ला को घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य राहत कार्यों की निगरानी करना और घायलों को इलाज में किसी तरह की परेशानी न होने देना है। स्थानीय प्रशासन को भी प्रभावित परिवारों की मदद और अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कैसे हुआ ग्वालियर का सड़क हादसा?
मिली जानकारी के मुताबिक, देर रात शीतला माता मंदिर रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। हादसे में 14 लोगों की जान चली गई, जबकि 33 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में महिलाओं और बच्चों के शामिल होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
