Ayodhya News : अयोध्या में कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन निगम ने खास व्यवस्था की है। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिक्षेत्र के चार डिपो से 150 बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन एक अस्थाई बस स्टेशन से होगा, ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी रहे।
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
कार्तिक मेला 18 नवंबर से शुरू होकर 24 नवंबर को पूर्णिमा स्नान के साथ समाप्त होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए परिवहन निगम ने बसों की व्यवस्था पहले से शुरू कर दी है। चारों डिपो को बसें आवंटित कर दी गई हैं। कोशिश है कि मेले के दौरान यात्रियों को समय पर बसें मिलें और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी न हो।
मेले के दौरान बसों का संचालन साकेत फोरलेन पुल के नीचे बालू घाट पर बनाए जा रहे अस्थाई बस स्टेशन से किया जाएगा। यहां से अलग-अलग शहरों और कस्बों के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी। इन बसों से श्रद्धालु गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, बस्ती, गोरखपुर, अकबरपुर और आजमगढ़ जा सकेंगे। इसके अलावा गौर बाजार, घनघटा, जहांगीरगंज, सुलतानपुर, जगदीशपुर, भिटरिया, टांडा और लखनऊ के लिए भी बसें चलाई जाएंगी। इस व्यवस्था से मेले में आने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परिवहन के विकल्प मिलेंगे।
कर्मचारियों की लगेगी चौबीस घंटे ड्यूटी
बसों का संचालन सुचारु रखने के लिए परिवहन निगम ने कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय करनी शुरू कर दी है। 17 नवंबर से 25 नवंबर तक दो चरणों में कर्मचारियों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे बसों के संचालन और यात्रियों की मदद के लिए कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। अस्थाई बस स्टेशन पर चार तकनीकी कर्मचारियों को जरूरी संसाधनों के साथ तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बसों की पार्किंग और दूसरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी वरिष्ठ केंद्र प्रभारी सुशीला देवी को सौंपी गई है। अयोध्या डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक धरणेंद्र कुमार चौबे को मेला अधिकारी बनाया गया है। उनकी देखरेख में मेले के दौरान बसों के संचालन से जुड़ी तैयारियां की जाएंगी।
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