Governor Appointment : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत केरलम, तमिलनाडु, सिक्किम, ओडिशा, कर्नाटक और उत्तराखंड को नए राज्यपाल मिले हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर को केरलम का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ब्रज मोहन राम, डॉ. सुधा यादव और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को भी नई संवैधानिक जिम्मेदारियां दी गई हैं।
छह राज्यों में किसे बनाया गया राज्यपाल?
राष्ट्रपति की ओर से घोषित नियुक्तियों के अनुसार, छह राज्यों में राज्यपालों के नाम इस प्रकार हैं:
- केरलम: ओम प्रकाश माथुर
- तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
- सिक्किम: दुष्यंत गौतम
- ओडिशा: ब्रज मोहन राम
- कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
- उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
इन नियुक्तियों के साथ संबंधित राज्यों में राज्यपाल पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का पूर्णकालिक राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह राज्य के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाए जाने के बाद आर्लेकर को यह जिम्मेदारी दी गई थी। आर्लेकर गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह बिहार और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब उन्हें तमिलनाडु की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान से राज्यसभा के पूर्व सांसद ओम प्रकाश माथुर को केरलम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने जुलाई 2024 में सिक्किम के राज्यपाल का पद संभाला था। अब वह राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की जगह केरलम की जिम्मेदारी संभालेंगे। माथुर लंबे समय से बीजेपी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
पलामू से लोकसभा के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह हरि बाबू कंभमपति का स्थान लेंगे। इस नियुक्ति के साथ ब्रज मोहन राम को संवैधानिक पद पर नई जिम्मेदारी मिली है। उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए अब ओडिशा में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।
डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह महेंद्रगढ़ से बीजेपी की पूर्व सांसद रह चुकी हैं और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व सदस्य भी रही हैं। वह थावरचंद गहलोत का स्थान लेंगी।
सुधा यादव की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह कर्नाटक की दूसरी महिला राज्यपाल होंगी। उनसे पहले वी.एस. रमादेवी ने 1999 से 2002 तक इस पद पर कार्य किया था।
मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे।
बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और लोकसभा सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। अब उन्हें उत्तराखंड में राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा के पूर्व सांसद दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह ओम प्रकाश माथुर की जगह लेंगे, जिन्हें केरलम का राज्यपाल बनाया गया है। दुष्यंत गौतम बीजेपी संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनकी नियुक्ति के साथ सिक्किम में राज्यपाल पद पर बदलाव किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से किए गए इन बदलावों के तहत छह राज्यों में राज्यपालों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण हुआ है। इनमें अनुभवी राजनेताओं और पूर्व सांसदों को संवैधानिक पदों पर नियुक्त किया गया है। अब संबंधित राज्यों में नए राज्यपालों के कार्यभार संभालने और उनके आधिकारिक कार्यक्रमों पर नजर रहेगी। इन नियुक्तियों से केंद्र और राज्यों के संवैधानिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
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