Factory Accident : आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के सत्यवेदु मंडल इलाके में स्थित ‘श्री सिटी’ की एक प्राइवेट फार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से भीषण धमाका हो गया। इस अचानक हुए विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसा इतना भीषण था कि धमाके के बाद पूरी फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। आइए जानते हैं कि इस हादसे के बाद मौके पर क्या हालात हैं और प्रशासन का क्या कहना है।
श्री सिटी में अचानक हुआ भीषण धमाका, मची अफरा-तफरी
यह पूरा हादसा श्री सिटी स्थित ‘TIL हेल्थकेयर फार्मास्युटिकल कंपनी’ का है। शनिवार को रोजाना की तरह कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज आवाज के साथ बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल उठा और प्लांट के भीतर धुआं फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मंत्री नारा लोकेश ने व्यक्त किया दुख, बेहतर इलाज के निर्देश
हादसे की खबर मिलते ही आंध्र प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
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इलाज की सख्त हिदायत: मंत्री लोकेश ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अस्पताल में भर्ती घायल कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
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मदद का भरोसा: उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव आर्थिक व सामाजिक सहायता दी जाएगी।
तिरुपति सांसद ने उठाई जांच और सुरक्षा नियमों की मांग
तिरुपति के सांसद डॉ. मड्डिला गुरुमूर्ति ने भी इस औद्योगिक हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की मौत बेहद हृदयविदारक है।
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हादसे की निष्पक्ष जांच: सांसद गुरुमूर्ति ने प्रशासन से मांग की है कि बॉयलर फटने के असली कारणों की गहराई से जांच की जाए।
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सुरक्षा मानकों का पालन: उन्होंने सरकार से अपील की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो।
फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही अक्सर कई मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ जाती है। तिरुपति के इस हादसे ने एक बार फिर से इंडस्ट्रियल सेफ्टी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से त्वरित राहत पहुंचाने का काम जारी है और घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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