Dussehra 2026: बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक ‘दशहरा’ (विजयादशमी) भारत के सबसे पावन पर्वों में से एक है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, जीत हमेशा धर्म की ही होती है। भारत की सांस्कृतिक विविधता इस पर्व को और भी खूबसूरत बनाती है। जहाँ उत्तर भारत में रामलीला की गूंज और रावण दहन का उत्साह दिखता है, वहीं पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में यह मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध और दुर्गा पूजा के भव्य समापन के रूप में मनाया जाता है। रूप भले ही अलग हों, लेकिन हर कोने में गूंजता एक ही संदेश है—सत्य की विजय। इसी के साथ मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी।
धर्म, मर्यादा और सत्य की विजय का महान प्रतीक है विजयादशमी का पर्व
विजयादशमी की सबसे प्रसिद्ध पौराणिक कथा भगवान राम और रावण के धर्मयुद्ध से जुड़ी है। जब लंकापति रावण ने माता सीता का हरण किया, तब भगवान राम ने लक्ष्मण और हनुमान जी के नेतृत्व वाली वानर सेना के साथ मिलकर लंका पर आक्रमण किया। इस युद्ध में अधर्मी रावण का वध हुआ और धर्म की स्थापना हुई।
भगवान राम का जीवन हमें कर्तव्य, न्याय, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं दूसरी ओर, अत्यंत ज्ञानी, शक्तिशाली और शिवभक्त होने के बावजूद, रावण का अहंकार और अनुचित आचरण ही उसके विनाश का कारण बना। रामायण की यह अमर कथा यही सिखाती है कि अहंकार पर सदैव धर्म, न्याय और मर्यादा की ही विजय होती है।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख और समृद्धि की कामना की।
आप सभी को विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। उल्लास और विश्वास का यह विजय पर्व हर किसी के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे। सभी का जीवन सुख-सौभाग्य और सफलता से समृद्ध हो, यही कामना है।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2026
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