Pragyan Ojha as BCCI Chief Selector: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। भारतीय क्रिकेट में चयनकर्ताओं की टीम में बड़ा बदलाव करते हुए बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति का नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया है।
बोर्ड की ओर से सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। इसके साथ ही अब अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) की जगह प्रज्ञान ओझा भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके साथ ही पूर्व स्पिनर और अनुभवी कोच रमेश पोवार (Ramesh Powar) को भी इस नई चयन समिति में शामिल किया गया है, जिसके बाद एक नया पैनल तैयार हो गया है। आइए जानते हैं इनके शानदार क्रिकेट करियर के बारे में।
Pragyan Ojha और रमेश पोवार का शानदार क्रिकेट सफर
अगर सबसे पहले प्रज्ञान ओझा के अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने भारत के लिए कुल 24 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम 113 विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 18 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 21 और 6 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 10 विकेट चटकाए। घरेलू क्रिकेट की बात करें तो ओझा ने 108 प्रथम श्रेणी मैचों में 424 विकेट अपने नाम किए। वहीं IPL में उन्होंने डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए 92 मैचों में 89 विकेट हासिल किए।
दूसरी तरफ, रमेश पोवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले हैं। खेल से संन्यास के बाद पोवार ने कोचिंग में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहने के साथ-साथ मुंबई और गुजरात की टीमों को भी कोचिंग दे चुके हैं।
वरिष्ठता के आधार पर मिला पद और अजीत अगरकर का कार्यकाल
बीसीसीआई के तय नियमों के मुताबिक, चयन समिति के अध्यक्ष पद का फैसला हमेशा सदस्यों की वरिष्ठता के आधार पर किया जाता है। इसका मतलब है कि समिति में शामिल सदस्यों में से जो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेल चुका होता है, उसे ही चेयरमैन की कुर्सी सौंपी जाती है। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं, जो इस नई चयन समिति के बाकी सभी सदस्यों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। इसी वरिष्ठता नियम के चलते उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं दूसरी ओर, बीसीसीआई ने पूर्व चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के सफल कार्यकाल की भी सराहना की है, जिनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां और दो एशिया कप के खिताब अपने नाम किए थे।