पेट दर्द का बहाना बनाकर गैंगस्टर फरार… देवरिया पुलिस ने किया गिरफ्तार…

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पेट दर्द के बहाने से शुरू हुई फिल्मी फरारी

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सोमवार की सुबह एक ऐसी घटना हुई जिसने पुलिस विभाग को भी सकते में डाल दिया। गैंगस्टर एक्ट में वांछित अपराधी राजेश यादव को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतनी चालाकी दिखाएगा। पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर राजेश यादव ने थाने में अचानक पेट दर्द का बहाना बनाया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। दरोगा धर्मेंद्र मिश्र ने स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की तैयारी की।
लेकिन रास्ते में जैसे ही पुलिस की गाड़ी कुछ दूर पहुंची, राजेश ने मौका पाकर दरोगा धर्मेंद्र मिश्र की सरकारी पिस्टल झपट ली। अचानक हुई इस हरकत से पुलिस टीम हक्का-बक्का रह गई। आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल जिलेभर में नाकाबंदी के आदेश जारी कर दिए गए।

देवरिया पुलिस की जल्द कार्रवाई से टली बड़ी वारदात

जैसे ही सूचना सलेमपुर और लार थाने तक पहुंची, पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। सर्विलांस सेल, एसओजी, और नजदीकी थानों को अलर्ट किया गया। फरार गैंगस्टर की तलाश में चकरवा-बहोरदास मार्ग पर घेराबंदी की गई। कुछ ही देर में वहां पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी और पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया।
लेकिन राजेश यादव ने पुलिस पर फिर से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे पैर में गोली मार दी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से लूटी गई सरकारी पिस्टल, एक खोखा कारतूस और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए।
एएसपी दक्षिणी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि “गैंगस्टर राजेश यादव की गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता का नतीजा है। उसने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी, लेकिन हमारे जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।”

जाने आपराधिक इतिहास और गैंगस्टर कनेक्शन

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजेश यादव, निवासी जगदीशपुर थाना जहांगीरगंज (अम्बेडकरनगर), लंबे समय से देवरिया और आसपास के जिलों में सक्रिय था। उसके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शामिल हैं:

  • मुकदमा संख्या 80/2024, धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम

  • धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम

  • धारा 429 भादवि

  • मुकदमा संख्या 421/2024, धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजेश यादव का गिरोह पशु तस्करी, अवैध हथियार कारोबार और फिरौती के मामलों में सक्रिय था। कई बार उसने जनपद बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उसका नेटवर्क कमजोर पड़ने लगा था। इसी वजह से वह देवरिया में फिर से अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे गिरफ्तार किया गया।

अस्पताल से लेकर एनकाउंटर तक

देवरिया पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन लगड़ा के तहत यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रविवार रात ही राजेश यादव को गिरफ्तार किया गया था और थाने में पूछताछ जारी थी। तभी उसने चालाकी से पेट दर्द का नाटक रचा।
दारोगा धर्मेंद्र मिश्र ने मानवीय दृष्टिकोण से उसे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन आरोपी ने उसी भरोसे का दुरुपयोग किया। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया, “अभियुक्त ने सरकारी पिस्टल लूटकर जानलेवा हमला किया, लेकिन पुलिस टीम ने अपने धैर्य और साहस से स्थिति संभाली। अगर देर होती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।”
मुठभेड़ के बाद घायल राजेश यादव को देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उसके खिलाफ अब आर्म्स एक्ट और सरकारी हथियार लूटने की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है।

अपराध पर लगाम कसने का सख्त संदेश

एएसपी दक्षिणी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार चल रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राजेश यादव के गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की सक्रियता की सराहना की है। गांव के लोगों का कहना है कि इस गैंग के कारण क्षेत्र में भय का माहौल था, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर राहत दी है।

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