Delhi coaching institutes strict action: दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि छात्रों की जान से खिलवाड़ करने वाले कोचिंग संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी कोचिंग सेंटर तय सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें दिल्ली में अपनी सेवाएं बंद करनी होंगी, क्योंकि छात्रों का सुरक्षित भविष्य ही सबसे ऊपर है।
हाईकोर्ट की सिफारिशों पर बनेगा नया कानून
कोचिंग सेंटरों की मनमानी रोकने और उनकी जवाबदेही तय करने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त रेगुलेटरी कानून लाने की तैयारी में है। हाईकोर्ट की सिफारिशों पर बनेगा नया कानून, जिसका मुख्य उद्देश्य इन संस्थानों की कार्यप्रणाली की कड़ी निगरानी करना है। इस कानून के लागू होने से कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य हो जाएगा, जिससे किसी भी तरह के हादसे की गुंजाइश खत्म की जा सके।
छात्र सीधे कर सकेंगे शिकायत
इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने सीधे छात्रों को भी इस मुहिम से जोड़ा है। अब किसी भी तरह की लापरवाही दिखने पर छात्र सीधे कर सकेंगे शिकायत। इसके लिए ईमेल, फोन कॉल और मैसेज जैसे आसान विकल्प दिए गए हैं। छात्र बिना किसी डर के अपने संस्थान की कमियों को उजागर कर सकते हैं, ताकि समय रहते प्रशासन उन पर उचित और कड़ी कार्रवाई कर सके।
Delhi coaching institutes strict action: सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है। राजधानी में देश भर से छात्र अपने सपनों को पूरा करने आते हैं, ऐसे में उन्हें एक भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण देना प्रशासन का सबसे पहला कर्तव्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को अब अपनी मनमानी करने की कोई छूट नहीं मिलेगी।
दिल्ली सरकार का यह कदम कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक जरूरी शुरुआत है। नए कानून और छात्रों की सीधी भागीदारी से व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह साफ है कि अब सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी कोचिंग संचालकों की पहली जिम्मेदारी होगी।