Cyclone Arnab : चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में काफी नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, राज्य में तीन लोगों की मौत हो गई है और 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं, जबकि बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से और ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में चक्रवात का ज्यादा असर देखने को मिला है।
चक्रवात अर्नब का असर कई राज्यों में
चक्रवात अर्नब पुडुचेरी के यनम के पास तट पार करने के बाद कमजोर हुआ है। मौसम की स्थिति को देखते हुए इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की कुल 39 टीमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। मंगलवार रात आंध्र प्रदेश में चार अतिरिक्त टीमें भी भेजी गईं। अधिकारियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। यनम से भी 38 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविरों में लोगों के लिए भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने खेतों में जलभराव रोकने और बागवानी फसलों को बचाने के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह से मांगी मदद
चक्रवात से हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कोनासीमा और अन्य प्रभावित जिलों के हालात की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती आकलन में राज्य में 70 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि की फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं, करीब 10,500 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है। घरों, सड़कों और बिजली के खंभों पर भी असर पड़ा है। नायडू ने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने और राहत, पुनर्वास व बहाली के काम में केंद्र सरकार से सहयोग देने का अनुरोध किया है।
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