Commonwealth Games 2026 से भारत के लिए बहुत ही शानदार खबर सामने आई है। ग्लासगो में चल रहे खेलों के 10वें दिन यानी 1 अगस्त को भारतीय खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत खेल से हर देशवासी का दिल जीत लिया। हमारे एथलीटों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत भारत के कुल पदकों की संख्या 39 पहुंच गई है, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
मुक्केबाजों ने रिंग में मचाया तहलका
इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखते ही बन रहा था। रिंग में उतरे हमारे बॉक्सर ऐसे लड़े कि 10 के 10 फाइनल मुकाबलों में पदक पक्के किए। मुक्केबाजी में भारत ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मीन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने भार वर्ग में विरोधी खिलाड़ियों को हराकर तिरंगा फहराया और स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी लहराया परचम
केवल रिंग ही नहीं, बल्कि ट्रैक एंड फील्ड में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। पुरुषों की F57 शॉटपुट स्पर्धा में सोमन राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल हासिल करके भारत को दोहरी खुशी दी। इसके अलावा पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए ब्रॉन्ज मेडल देश की झोली में डाला।
पदक से चूके पर खिलाड़ियों ने दिखाया जबरदस्त जज्बा
कुछ मुकाबलों में पदक भले ही हाथ न लगा हो, लेकिन हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बा काबिले तारीफ रहा। जूडो में हर्ष तोकस ब्रॉन्ज मेडल के करीब पहुंचे, वहीं रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी चौथे स्थान पर रहीं। जीत और हार तो खेल का हिस्सा है, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अंत तक हिम्मत नहीं हारी और मैदान पर अपना सौ प्रतिशत दिया। ग्लासगो में भारतीय एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया के किसी भी मंच पर वे किसी से कम नहीं हैं। 1 दिन में 16 पदक जीतने का यह कारनामा लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और पूरे देश को अपने इन जांबाज खिलाड़ियों पर बेहद गर्व है।
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