Commonwealth Games 2026 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सम्मानित किया। इस मौके पर खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और उपलब्धियों के लिए पुरस्कार राशि भी दी गई।
गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये, सिल्वर मेडल विजेताओं को 20 लाख रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
खिलाड़ियों की मेहनत को मिला सम्मान
सम्मान समारोह के दौरान डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों को भविष्य में भी भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपने अनुभव से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपने खेल करियर के बाद भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनें और खेल क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखें।
बॉक्सिंग में भारत का दमदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 मेडल जीते। इसमें सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल शामिल रहे। भारतीय मुक्केबाजों ने अपनी मेहनत और शानदार खेल कौशल से मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया। गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों में प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पांघाल शामिल रहे।
जूडो में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड
जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचा। भारत ने 12 इवेंट्स में हिस्सा लेते हुए चार मेडल अपने नाम किए, जिनमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं। वहीं हर्ष ने पुरुष वर्ग में गोल्ड जीतकर नई उपलब्धि हासिल की।
पैरा-एथलेटिक्स में बढ़ा भारत का गौरव
पैरा-एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पैरा-स्पोर्ट्स क्षमता को मजबूत पहचान दिलाई। डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को तैयार करना भी होना चाहिए। उन्होंने विस्तारित खेलो इंडिया योजना और सरकार की अन्य योजनाओं के जरिए खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने खिलाड़ियों से खेल अकादमी शुरू करने और अपने अनुभव से युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की अपील की। साथ ही कोच के योगदान को हमेशा याद रखने की बात भी कही।
