कर्नल सोफिया कुरैशी को मिला विशिष्ट सेवा मेडल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का किया था पर्दाफाश

कर्नल सोफिया कुरैशी

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भारत की सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका दिनों दिन बढ़ रही है, और कर्नल सोफिया कुरैशी इसका एक बेहतरीन उदाहरण हैं। कर्नल सोफिया को हाल ही में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है, जो उनके अद्वितीय योगदान और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए है। यह सम्मान उन्हें उन युद्धभूमि और शांति अभियानों में उनके असाधारण नेतृत्व और प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है, जिन्होंने भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को बढ़ाया।

ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरैशी का योगदान

कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह भारतीय सेना की एक प्रमुख प्रवक्ता के रूप में सामने आईं, जिन्होंने पाकिस्तान के आतंकवादी हमलों और सैन्य गतिविधियों को पूरी दुनिया के सामने उजागर किया। कर्नल कुरैशी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने न केवल पाकिस्तान के झूठे प्रचार को नकारा, बल्कि सच्चाई को दुनिया के सामने रखा, जिससे भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई।

इसके अलावा, सोफिया कुरैशी ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर की प्रतिदिन की जानकारी साझा की थी, जो मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण साबित हुई। इस उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया गया है।

वीरता पुरस्कारों की घोषणा

कर्नल सोफिया कुरैशी के अलावा, सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों के 70 वीरता पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें 1 अशोक चक्र, 3 कीर्ति चक्र, और 13 शौर्य चक्र सहित 301 सैन्य अलंकरणों को मंजूरी दी गई है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन सैनिकों और अधिकारियों को सम्मानित करना है जिन्होंने भारतीय सेना की सेवा में असाधारण वीरता, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया है।

कर्नल सोफिया कुरैशी

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?

कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म गुजरात के वडोदरा में साल 1981 में हुआ था। उनके दादा भी सेना में धार्मिक शिक्षक के रूप में सेवा दे चुके थे। कर्नल सोफिया ने अपनी शिक्षा महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद की थी। इसके बाद, उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया।

कर्नल सोफिया कुरैशी 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद पंजाब सीमा पर ऑपरेशन पराक्रम में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत अभियानों में भी शानदार काम किया था। कर्नल कुरैशी की बहादुरी और समर्पण को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से कमेंडेशन कार्ड भी मिला था।

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में कर्नल कुरैशी का योगदान

कर्नल सोफिया ने छह साल तक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में कांगो में सेवा दी थी। इसके अलावा, 2016 में उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया, जो भारतीय सेना के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। वह इस प्रकार की सेना के अभ्यास में भाग लेने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं और अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा भी मनवाया। इस अभ्यास का नाम ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ था, जो भारत की ओर से आयोजित सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभ्यास था। कर्नल सोफिया इस अभ्यास में भाग लेने वाली 18 दलों में अकेली महिला अधिकारी थीं।

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