CM Yogi’s Press Conference : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सीएम योगी ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि सदन आम जनता और किसानों की समस्याओं के समाधान का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले नौ वर्षों में संवाद और सामूहिक प्रयासों के जरिए प्रदेश के परसेप्शन में ऐतिहासिक सुधार आया है और राज्य का तेजी से विकास हुआ है।
विधायिका है जनसमस्याओं के समाधान का सबसे उत्तम मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संसदीय प्रणाली में विधायिका ही वह जगह है जहां जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को खुलकर रख सकते हैं। जब विधायक सकारात्मक चर्चा करते हैं, तो सरकार को भी नीतियां बनाने और समस्याओं को दूर करने का स्पष्ट रास्ता मिलता है। उन्होंने बताया कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने हमेशा सदन के समय का सही उपयोग करने और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सुझावों पर काम करने को प्राथमिकता दी है। अपने संबोधन में सीएम योगी ने राज्य के छह करोड़ गरीबों और अन्नदाता किसानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में किसानों की उपज सीधे खरीदी जा रही है और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है। विपक्षी दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में चीनी मिलें बंद हो रही थीं और किसान परेशान था, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान
युवाओं और कर्मचारियों के हितों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बहुत बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले एक से दो सप्ताह के भीतर प्रदेश में ‘आउटसोर्स कमीशन’ लागू होने जा रहा है। इस नए कमीशन के बनने से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन और सेवा से जुड़े नियम फिक्स हो जाएंगे, जिससे किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होगा और उनके अधिकारों की सुरक्षा हो सकेगी। सीएम योगी ने गर्व से कहा कि कभी देश के ‘बीमारू’ राज्यों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज एक रेवेन्यू सरप्लस और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य बन चुका है। बेहतर कानून-व्यवस्था, संवाद और पारदर्शी कार्यशैली के चलते आज पूरे देश में यूपी का मान बढ़ा है।







