Kanpur: उत्तर प्रदेश के विकास और धार्मिक धरोहरों के पुनरुद्धार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंचे। उन्होंने बिठूर की ऐतिहासिक तपोभूमि पर नमन करते हुए क्षेत्र के निवासियों को विकास कार्यों की एक बड़ी भेंट सौंपी। आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री के इस दौरे में कौन-कौन से प्रमुख कार्यों का शुभारंभ हुआ और उन्होंने क्या मुख्य बातें कहीं।
बिठूर और बिल्हौर को 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात
कानपुर प्रवास के दौरान CM Yogi ने बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 411 करोड़ रुपये की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सबसे पहले उन्होंने ऐतिहासिक वाल्मीकि आश्रम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद नानाराव पेशवा पार्क में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और सहायता राशि भी वितरित की।
विकास और विरासत के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर बोला हमला
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की उपेक्षा की जाती थी। सीएम योगी ने कहा कि विरोधी दलों के शासन में दंगा, परिवारवाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि कैसे भदोही का नाम बदलकर संत रविदास जी की पहचान मिटाने का प्रयास किया गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने दोबारा ‘संत रविदास नगर भदोही’ करके संत परंपरा को सम्मान दिया है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों का सम्मान करते हुए बुनियादी विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रही है। अयोध्या में प्रभु राम मंदिर के भव्य निर्माण और आध्यात्मिक स्थलों के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अब सुरक्षा और विकास के नए दौर से गुजर रहा है।
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