Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तारीखें तय हो गई हैं। वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद करने का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। इसके बाद इन धामों में शीतकालीन पूजा-अर्चना निर्धारित परंपराओं के अनुसार जारी रहेगी। अगर आप इस साल दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो कपाट बंद होने की तारीख जरूर जान लें।
बदरीनाथ धाम के कपाट कब होंगे बंद?
भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं। इस वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 17 नवंबर को देवडोलियां अपने-अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए रवाना होंगी। सर्दियों में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए हर साल धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट बंद किए जाते हैं।
बाबा केदार के भक्तों के लिए भी कपाट बंद होने की तारीख सामने आ गई है। श्री केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के पावन अवसर पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष केदारनाथ धाम की नियमित यात्रा का समापन हो जाएगा। सर्दियों के दौरान बाबा केदार की पूजा-अर्चना परंपरा के अनुसार शीतकालीन पूजा स्थल पर की जाती है।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का शुभ मुहूर्त
उत्तराखंड के प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट भी 11 नवंबर को भैया दूज के दिन बंद किए जाएंगे। इसके लिए सुबह 10 बजकर 28 मिनट का शुभ मुहूर्त तय किया गया है।
विजयादशमी के अवसर पर मंदिर समिति और पुरोहित समाज की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। इसमें पंचांग और धार्मिक परंपराओं के आधार पर कपाट बंद करने का समय निर्धारित किया गया। इस घोषणा के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा के समापन की तारीख भी स्पष्ट हो गई है।
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यह फैसला 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लिया गया।
कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना होगी।
डोली के प्रस्थान का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 16 नवंबर: मद्महेश्वर धाम से गौंडार गांव के लिए प्रस्थान और रात्रि विश्राम।
- 17 नवंबर: गौंडार से रांसी गांव पहुंचेगी डोली।
- 18 नवंबर: रांसी से गिरिया के लिए प्रस्थान।
- 19 नवंबर: गिरिया से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी डोली।
इसके बाद ऊखीमठ में भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा-अर्चना की जाएगी।
चारधाम यात्रा 2026 के समापन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को, जबकि बदरीनाथ और मद्महेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित मंदिर की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए, ताकि दर्शन की योजना बनाने में परेशानी न हो।