Bihar News : बिहार में रोजगार और पलायन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे वर्ष 2030 तक किसी भी व्यक्ति को मजदूरी करने के लिए मजबूरी में दूसरे राज्य न जाना पड़े। लोगों को अपने ही राज्य में काम मिल सके, इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मुंगेर के तारापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा और खेल सुविधाओं को लेकर भी कई अहम बातें कहीं।
बिहार में रोजगार को लेकर क्या है सरकार का लक्ष्य?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में ऐसे अवसर पैदा किए जाने चाहिए, जिससे लोगों को रोजी-रोटी के लिए अपना घर और परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। उनका लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य में ही मजदूरी करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बेहतर नौकरी, व्यापार या ऊंचे पद पर काम करने के लिए दूसरे राज्यों में जाना गलत नहीं है। सरकार का मकसद लोगों को बाहर जाने से रोकना नहीं, बल्कि मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
हर प्रखंड में बनेगा स्टेडियम
मुंगेर जिले के तारापुर दौरे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संग्रामपुर प्रखंड के कहुआ गांव पहुंचे। यहां वासुकी राय के नाम पर स्थापित खेल मैदान में फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तारापुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक प्रखंड में स्टेडियम बनाया जाएगा। उन्होंने अगले दो महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने की योजना की बात कही। इस पहल से स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है।
1962 से हो रहा है फुटबॉल टूर्नामेंट
कहुआ गांव में हर साल फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने की परंपरा काफी पुरानी है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां वर्ष 1962 से लगातार प्रतियोगिता होती आ रही है। इस साल टूर्नामेंट में आठ टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला टीटीसी मानिकपुर और पाटम की टीमों के बीच खेला गया, जिसमें टीटीसी मानिकपुर विजेता बनी और पाटम की टीम उपविजेता रही।
मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों के कप्तानों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में भी किए गए बदलावों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में 272 कॉलेज थे और उनके मुताबिक, 15 जुलाई 2026 को एक साथ 211 डिग्री कॉलेज शुरू किए गए। उन्होंने राज्यभर में 700 मॉडल स्कूल सह सरस्वती विद्या निकेतन शुरू किए जाने की भी बात कही। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का जिक्र किया गया।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक सहायता देना है, ताकि उन्हें तैयारी के लिए दूर जाने की जरूरत कम पड़े।
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