Bhopal BRICS : मध्य प्रदेश की खूबसूरत राजधानी भोपाल एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रही है। शहर के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में 4 दिवसीय ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस भव्य कार्यक्रम में 100 से ज्यादा विदेशी मेहमान शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि हमारे मेहमानों को मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों जैसे दाल बाफले, निमोना, रिकमच और मिलेट्स से बने कोदो-कुटकी का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।
ट्राइबल हैबिटेट और हस्तशिल्प प्रदर्शनी से होगी शुरुआत
सम्मेलन के पहले दिन विदेशी प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मेहमान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे, जहां उन्हें पॉटरी प्रदर्शनी और स्वदेशी शिल्प के लाइव प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। ट्राइबल हैबिटेट में ‘नागा हाउस’ और ‘हिमालयी गांव’ का गाइडेड भ्रमण कराकर भारत की समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। शाम को एक सांस्कृतिक संध्या होगी जिसमें कथक नृत्य और भारत के पारंपरिक परिधानों को प्रदर्शित करता फैशन शो आकर्षण का केंद्र रहेगा।
मिंटो हॉल में विशेष प्रदर्शनियां और रवींद्र भवन में सांस्कृतिक महोत्सव
मुख्य कार्यक्रम स्थल यानी मिंटो हॉल में ‘ज्ञान भारतम’, ‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत’ पर तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई जा रही हैं, जो आम जनता के लिए भी खुली रहेंगी। इसके अलावा रवींद्र भवन में आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव में ब्रिक्स सदस्य देशों के कलाकार अपनी-अपनी पारंपरिक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे।
‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ का होगा भव्य मंचन
कार्यक्रम के दौरान ‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग – पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड’ के जरिए 11 से अधिक देशों की संगीतमय यात्रा प्रस्तुत की जाएगी। वहीं मध्य प्रदेश का संस्कृति विभाग “अमृतस्य मध्य प्रदेश- एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा” का मंचन करेगा। मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से ज्यादा कलाकार भीमबेटका, सांची, खजुराहो, महाकाल की नगरी उज्जैन और मां नर्मदा की महाआरती की अलौकिक छवि को रंगमंच पर जीवंत करेंगे। यह प्रस्तुति दुनिया भर से आए अतिथियों को ‘सिंहस्थ कुंभ 2028’ का निमंत्रण भी देगी।
सांची और भीमबेटका की ऐतिहासिक यात्रा
सांस्कृतिक विचार-विमर्श और मंत्रियों की औपचारिक बैठकों के बाद, विदेशी मेहमान विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को धरोहर ‘सांची स्तूप’ के भ्रमण पर जाएंगे। वहां वे बुद्ध जंबूदीप, चेतियागिरी मंदिर के दर्शन करेंगे और 3D प्रोजेक्शन मैपिंग लाइट एंड साउंड शो का लुत्फ उठाएंगे। इसके बाद प्रतिनिधियों के लिए प्रागैतिहासिक भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की भी विशेष व्यवस्था की गई है।







