Bareilly GST Fraud : बोगस फर्म के नाम पर फर्जी बिलिंग, 87.04 लाख की टैक्स चोरी में दो गिरफ्तार

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Bareilly GST Fraud : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बरेली की प्रेमनगर थाना पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर राज्य कर विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने बिना किसी वास्तविक माल की सप्लाई के फर्जी बिल तैयार किए और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास-ऑन करके सरकार को कुल 87.04 लाख रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा कैसे हुआ।

बरेली में जीएसटी चोरी आरोपी गिरफ्तार

बरेली में फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य कर अधिकारी सुनील कुमार ने 1 मार्च को प्रेमनगर थाने में ‘पीएस ट्रेडर्स’ (PS Traders) नाम की एक फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल कर कागजों में व्यापार स्थल दिखाया था। इसके बाद बिना किसी सामान या माल की असल आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस जारी किए गए और 87,04,603.44 रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उठा लिया गया।

मुखबिर की सूचना पर घारमपुर चौराहे से हुई गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेमनगर पुलिस की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली, जिसके आधार पर फरीदपुर थाना क्षेत्र के घारमपुर चौराहे पर घेराबंदी की गई। पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों, पुष्पेंद्र और ओम सिंह उर्फ पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी कागजात और बिलिंग के लिए किया जा रहा था।

पारिवारिक मजबूरी का बहाना, कोर्ट ने भेजा जेल

पकड़े गए आरोपियों में पुष्पेंद्र फरीदपुर के चौडेरा रमपुरा रतन गांव का निवासी है, जबकि ओम सिंह क्योलड़िया के जवेदा जवेदी गांव का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने और परिवार चलाने के लिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस सिंडिकेट में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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