Azamgarh Murder : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में घटी एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक ही परिवार में चल रही झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के दौरान गृहस्वामी अरविंद सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग कर अपनी पत्नी, दो पंडितों और अपने 6 साल के बेटे की हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस एनकाउंटर में आरोपी अरविंद सिंह भी मारा गया। पुलिस जांच और परिजनों के बयानों से इस खूनी खेल के पीछे सालों पुरानी रंजिश और मानसिक अवसाद की एक दुखद कहानी सामने आई है।
जानिए मंगलवार की रात क्या-क्या हुआ?
अहरौला के शंभूपुर गांव में अरविंद के घर पिछले चार दिनों से पूजा-पाठ और अनुष्ठान चल रहा था। मंगलवार की देर शाम अरविंद जब घर पहुंचा, तो उसने पूजा करा रहे पंडितों से उनका पहचान पत्र मांगा। इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जिसके बाद अरविंद ने आपा खो दिया और अपने मृत भाई की लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इस गोलीबारी में मौके पर ही ये मौतें हुईं:
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बबिता: अरविंद की पत्नी
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महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा: पूजा कराने आए दोनों पंडित
घटना के बाद अरविंद ने अपनी 11 साल की बेटी परी, 11 महीने की बेटी शानवी और 6 साल के बेटे को एक कमरे में बंधक बना लिया। जब पुलिस और एटीएस कमांडो ने घर को घेरा, तो उसने सरेंडर करने के बजाय अपने ही मासूम बेटे को गोली मार दी, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बाद में भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग करने पर जवाबी कार्रवाई में अरविंद एनकाउंटर में ढेर हो गया।
अरविंद सिंह एनकाउंटर: 2017 से शुरू हुआ जुर्म और दुखों का सिलसिला
अरविंद की मां शमला देवी के अनुसार, अरविंद का यह खौफनाक रूप रातों-रात सामने नहीं आया, बल्कि इसकी नींव 2017 में पड़ी थी। अरविंद का परिवार पिछले कई सालों से लगातार अत्याचार और दुखों का सामना कर रहा था:
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2017 में पत्नी से दुष्कर्म: अरविंद की पत्नी बबिता के साथ परिवार के ही पट्टीदारों ने दुष्कर्म किया था। आरोपी जेल गए लेकिन जल्द ही बाहर आ गए।
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अरविंद का अपहरण: दुष्कर्म के मामले के बाद अरविंद का अपहरण कर उसे कई महीनों तक झारखंड में बंधक बनाकर रखा गया था।
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2018 में सगे भाई की हत्या: अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की पट्टीदारों द्वारा हत्या कर दी गई थी। गुड्डू पुणे में गार्ड का काम करता था और उसकी तरक्की से पट्टीदार जलते थे।
एक के बाद एक हुई इन हिंसक घटनाओं और न्याय न मिलने की वजह से अरविंद गहरा मानसिक तनाव झेल रहा था। मां के मुताबिक, साल 2019 के बाद से ही उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। इसी बीच किसी पंडित ने परिवार को भ्रमित किया कि अरविंद पर उनके दिवंगत भाई गुड्डू की आत्मा का ‘प्रेत साया’ है। इसी कथित प्रेत बाधा को दूर करने के लिए घर में चार दिनों से अनुष्ठान कराया जा रहा था, जिसका अंत इतना दर्दनाक हुआ।
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