अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा उत्सव और सोने-हीरे से सजी श्रीराम प्रतिमा की स्थापना

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अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर भव्य उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अयोध्या जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि धार्मिक कैलेंडर के अनुसार 31 दिसंबर 2025 को मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। ट्रस्ट द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक विभिन्न अनुष्ठान चलेंगे। मुख्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सोमवार को रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर पांच दिवसीय प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर राम जन्मभूमि परिसर में स्थित अंगद टीला पर बनाए गए भव्य पंडाल में पहले दिन श्रीरामचरित मानस पाठ की शुरुआत हुई। इस पाठ को श्री श्री मां आनंदमयी मानस परिवार के सदस्य संगीतमय रूप से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पाठ पांच दिन तक अनवरत चलता रहेगा।

रामकथा और रामलीला का आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक

उत्सव के दूसरे हिस्से में, दोपहर में श्रीरामकथा का शुभारंभ हुआ। जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य के द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है। साथ ही, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। 31 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान, शाम को प्रख्यात गायक सुरेश वाडकर, अनूप जलोटा और तृप्ति शाक्या की ओर से रामलला की सुरों से आराधना की जाएगी।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम

31 दिसंबर को मुख्य समारोह आयोजित होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री द्वारा राम मंदिर परिसर के अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण भी किया जाएगा। प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव के मद्देनजर, बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं, जिनके दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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सोने-हीरे से सजी भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा की स्थापना

इस धार्मिक अवसर पर, कर्नाटक से लाई गई सोने-हीरे से जड़ी भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह दिव्य प्रतिमा राम मंदिर परिसर में स्थापित की गई है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा राम मंदिर के तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में संत तुलसी दास की प्रतिमा के पास स्थापित की गई है, जहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की विशेष व्यवस्था की गई है।

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तंजौर कला शैली में बनी है यह प्रतिमा

तंजौर कला शैली में बनी यह बहुमूल्य प्रतिमा लगभग 30 करोड़ रुपये की कीमत की है और बेंगलुरु के प्रसिद्ध चित्रकार और मूर्तिकार डॉ. फर्न्डवीस द्वारा तैयार की गई है। यह प्रतिमा अपनी बारीक कारीगरी, स्वर्ण आभा और रत्नों की चमक के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है।

प्रतिमा को डाक के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। मूर्तिकार डॉ. फर्न्डवीस और उनकी पत्नी जयश्री ने लगभग 100 श्रद्धालुओं के साथ अयोध्या पहुंचकर इस दिव्य प्रतिमा को स्थापित कराया।

यह भी पढ़ें : काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ी भीड़, स्पर्श दर्शन पर रोक, जानें क्या है नया नियम

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