Ayodhya News : अयोध्या में आगामी 14 कोसी परिक्रमा को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां अब बेहद तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग को चौड़ा करने की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत जनौरा नाका इलाके में प्रशासन ने एक बड़ा एक्शन लिया है। वहां नजूल की जमीन पर बने तीन मकानों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रभावित लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का काम पूरा किया गया।
जनौरा नाका बुलडोजर एक्शन: मुआवजा मिलने के बाद भी था विवाद
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन तीन मकानों को गिराया गया है, वे सभी नजूल (सरकारी) की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। प्रशासन के मुताबिक, इन मकानों के एवज में जो भी तय मुआवजा था, उसका भुगतान प्रभावित लोगों को बहुत पहले ही किया जा चुका है।
इसके बावजूद कुछ स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई के खिलाफ आपत्ति जताई थी और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक चला गया था। अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट से आवश्यक दिशा-निर्देश और हरी झंडी मिलने के बाद ही नियमानुसार इस कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है।
नजूल भूमि पर बुलडोजर कार्रवाई: सुरक्षा के बीच पहुंचे एडीएम और सीओ
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। ध्वस्तीकरण की इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अमित भट्ट और सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी कर रहे थे। अधिकारियों ने मौके पर रहकर पूरी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांतिपूर्ण तरीके से मकानों को खाली करवाकर उन्हें जमींदोज करवा दिया।
परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण: नवंबर में आयोजित होगी 14 कोसी परिक्रमा
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा धार्मिक परंपराओं का एक बेहद अहम हिस्सा है, जिसमें हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। नवंबर के महीने में प्रस्तावित इस भव्य परिक्रमा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि मार्ग के चौड़ीकरण का काम समय रहते पूरा कर लिया जाए। इसी क्रम में मार्ग के रास्ते में आने वाले सभी अवैध या बाधित निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया तेजी से चलाई जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनेगी 14 कोसी परिक्रमा
परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी, भगदड़ या जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए सड़कों को चौड़ा करना और बेहतर ढांचा तैयार करना बेहद जरूरी है। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को पूरी तरह सुगम बनाया जाए। चौड़ीकरण का काम पूरा हो जाने के बाद परिक्रमा के समय यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुचारू हो जाएगी और लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।







