Ayodhya News : अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चयन प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जहां देश के कई दिग्गज पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के सम्मेलन कक्ष में आयोजित हो रहे इन साक्षात्कारों के तहत सुबह 10 बजे के बाद 8 पूर्व अधिकारियों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। इससे पहले कल यानी पहले चरण में करीब 10 अधिकारियों से सवाल-जवाब किए जा चुके हैं।
पूर्व IAS और IPS अधिकारी दौड़ में शामिल
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए आए आवेदनों में देश के कई वरिष्ठ पूर्व IAS और IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस पद के लिए सबसे प्रमुख योग्यता उम्मीदवारों का कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना तय किया गया है। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक और प्रशासनिक ढांचे को संभालने के लिए एक अनुभवी अधिकारी की ही जरूरत है। सभी 18 उम्मीदवार अयोध्या पहुंच चुके हैं और ट्रस्ट द्वारा की गई व्यवस्थाओं के तहत ठहरे हुए हैं।
आस्था और प्रशासनिक अनुभव दोनों की परीक्षा
इंटरव्यू बोर्ड उम्मीदवारों से केवल उनके प्रशासनिक अनुभव या प्रबंधन क्षमता के बारे में ही सवाल नहीं पूछ रहा, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था को भी गहराई से परख रहा है। साक्षात्कारों के दौरान अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि वे स्वयं को किस तरह का हिंदू मानते हैं और भगवान राम के प्रति उनकी निजी आस्था कैसी है? इसके साथ ही विषम परिस्थितियों में नेतृत्व करने और मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों को कुशलता से संभालने की क्षमता की भी जांच की जा रही है।
18 में से चुने जाएंगे अंतिम 3 नाम
मिली जानकारी के अनुसार, साक्षात्कार की इस प्रक्रिया के जरिए कुल 18 उम्मीदवारों में से सबसे योग्य 3 अधिकारियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की मुख्य चयन समिति इन तीन नामों पर विचार करेगी और उनमें से एक अधिकारी को CEO पद की अंतिम जिम्मेदारी सौंपेगी। बता दें कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के कुछ आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था।







