होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। आम जनता की सेहत के साथ होने वाले इस खिलवाड़ को रोकने के लिए बदायूं में खाद्य विभाग की सख्ती देखने को मिली है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को जिले में एक बड़ा छापामार अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से मिलावट करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सी.एल. यादव और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.पी. सिंह के नेतृत्व में टीम ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सघन चेकिंग की। इस दौरान विभाग ने न केवल नमूने भरे, बल्कि बड़ी मात्रा में अमानक खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

गोपी चौक में 74 लीटर रिफाइंड तेल सीज
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम गोपी चौक स्थित पारूल रस्तोगी के प्रतिष्ठान पर पहुँची। यहाँ टीम को रिफाइंड सोयाबीन तेल की गुणवत्ता में संदेह हुआ, जिसके बाद तेल का नमूना लिया गया। खाद्य विभाग की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर मौजूद लगभग 74 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल (कीमत करीब 10,500 रुपये) को तुरंत सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान दुकान पर गंदगी मिलने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दुकानदार को ‘सुधार नोटिस’ (Improvement Notice) भी थमाया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि साफ-सफाई में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

45 किलो अमानक छेना मिठाई कराई गई नष्ट
त्योहारों पर सबसे ज्यादा मिलावट मिठाइयों में देखी जाती है। सहसवान क्षेत्र के सैफुल्लागंज में जब टीम धर्मपाल के प्रतिष्ठान पर पहुँची, तो वहाँ स्थिति काफी खराब मिली। यहाँ खाद्य विभाग की सख्ती के तहत लगभग 45 किलो छेना मिठाई को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया। प्रशासन ने बिना देरी किए इस मिठाई (कीमत लगभग 5000 रुपये) को मौके पर ही नष्ट करवा दिया ताकि यह किसी की सेहत न बिगाड़ सके। यहाँ से भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इसी तरह अनाज मंडी में हर्षित साहू के यहाँ से गुड़ और नथुलागंज में असरार अहमद के यहाँ से लड्डू के नमूने लिए गए। कुल मिलाकर 4 नमूने लैब भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
होली पर मिलावटखोरों पर पैनी नजर
आने वाले दिनों में खाद्य विभाग की सख्ती और बढ़ने वाली है। सहायक आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी कारोबारी बिना लाइसेंस के काम न करे और केवल गुणवत्ता युक्त सामग्री ही बेचे। निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर खाद्य पदार्थों को ढककर नहीं रखा गया या मिलावट पाई गई, तो भारी जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (भगवत सिंह, प्रिया त्रिपाठी, खुशीराम व करन सिंह) की टीम लगातार बाजार पर नजर रख रही है। विभाग का कहना है कि यह अभियान होली तक जारी रहेगा ताकि लोगों को शुद्ध दूध, मावा, तेल और मिठाइयां मिल सकें।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
खाद्य विभाग की सख्ती के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। अधिकारियों ने अपील की है कि:
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बहुत ज्यादा गहरे रंगों वाली मिठाइयां खरीदने से बचें।
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सामान खरीदते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
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किसी भी संदिग्ध मिलावट की सूचना तुरंत खाद्य विभाग को दें।
प्रशासन का कहना है कि मिलावट के दुष्प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक हो सकते हैं, इसलिए सतर्कता ही बचाव है।