उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में गुरुवार से जनगणना-2027 की ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Digital India’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए, केंद्र सरकार द्वारा इस बार Digital जनगणना की जा रही है। इस अभिनव पहल से आम जनता को घर बैठे स्वगणना (Self-Enumeration) की सुविधा मिलेगी, जिससे समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व आसान बनेगी।
स्वगणना की मुख्य तिथियां और प्रक्रिया
स्वगणना का विकल्प 7 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। जो लोग इस अवधि में ऑनलाइन विवरण नहीं भर पाएंगे, वे 22 मई से घर आने वाले गणना-कर्मियों को अपनी जानकारी दे सकेंगे। जनगणना में सभी की सहभागिता अनिवार्य है।
फॉर्म भरने के आसान चरण:
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पंजीकरण (Registration): आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाएं और अपने मोबाइल फोन नंबर व नाम के जरिए पंजीकरण करें।
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सत्यापन (Verification): भाषा का चयन करने के बाद ओटीपी (OTP) के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।
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स्थान का चयन (Location Selection): अपना पता दर्ज करें और डिजिटल मैप पर अपने घर को चिह्नित (Mark) करें।
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प्रश्नावली (Questionnaire): अंत में 33 सवालों की प्रश्नावली को भरकर सबमिट करें।
एसई-आईडी (SE-ID) का महत्व और सुरक्षा
फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट करने पर आपको ‘एच’ (H) अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसई-आईडी (SE-ID) प्राप्त होगी। इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
नोट: यह कोई ओटीपी नहीं है, बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी है। इसे 22 मई से घर-घर पहुंचने वाले गणना-कर्मियों के साथ ही साझा करें। गणनाकर्मी का पहचान पत्र अवश्य जांचें।
गोपनीयता और डेटा सुरक्षा
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है।
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दस्तावेज: जनगणना के दौरान किसी भी बैंक की जानकारी या अन्य कोई संवेदनशील दस्तावेज (जैसे आधार संख्या या अन्य प्रमाण) नहीं देना है।
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गोपनीयता: जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
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नागरिकता का प्रमाण: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया किसी की नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की नींव तैयार करने का मुख्य आधार है।
Digital मैप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग
केंद्र सरकार के नेतृत्व में हो रही इस Digital जनगणना का पहला चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का है, जिसमें घरों की स्थिति व संपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस बार Digital डाटा कलेक्शन, स्वगणना पोर्टल, डिजिटल मैप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परिणाम जल्दी आएंगे और डेटा की गोपनीयता साइबर सुरक्षा व एन्क्रिप्शन के जरिए पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
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