उत्तर प्रदेश के Hamirpur जिले से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के कुरारा थाना क्षेत्र में आने वाले कुतुबपुर गांव के पास यमुना नदी में देर रात एक नाव पलट गई। इस नाव में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से कई बच्चे भी शामिल थे। यह हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा परिवार एक शादी की खुशियों में डूबा हुआ था, लेकिन एक पल में सब कुछ उजड़ गया। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
दरअसल, Hamirpur के कुतुबपुर गांव के रहने वाले देशराज निषाद के घर बुधवार को बेटी की शादी थी। घर में मेहमानों की चहल-पहल थी और हंसी-खुशी का माहौल था। गुरुवार को परिवार के कुछ सदस्य और रिश्तेदार यमुना नदी के पार खेतों में तरबूज और खरबूज लेने गए थे। विष्णु निषाद अपनी पत्नी और सात बच्चों को नाव में लेकर दूसरी तरफ गए थे। वापसी के दौरान नाव में फल भी लदे हुए थे। जैसे ही नाव बीच धारा में पहुंची, संतुलन बिगड़ने की वजह से वह अचानक पलट गई और सभी लोग पानी के तेज बहाव में बहने लगे।

अपनों को खोने का गम और चीख-पुकार
हादसे के बाद नदी किनारे चीख-पुकार मच गई। Hamirpur के स्थानीय मछुआरों और गोताखोरों ने तुरंत मोर्चा संभाला। इस दौरान विष्णु निषाद और एक बच्चा तैरकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि एक अन्य बच्चे को मछुआरों ने बचा लिया। लेकिन बाकी छह लोग नदी की गहराई में खो गए। काफी मशक्कत के बाद एक महिला और एक बच्चे का शव बरामद किया गया है, लेकिन चार बच्चे अभी भी लापता हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही बाधाएं
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। Hamirpur प्रशासन ने तुरंत गोताखोरों और SDRF की टीम को तैनात किया है। हालांकि, इलाके में हो रही तेज बारिश और यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है। नदी की धारा इतनी तेज है कि लापता बच्चों को ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और हर मुमकिन कोशिश की जा रही है कि बाकी बचे लोगों का सुराग मिल सके।

प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई
Hamirpur के जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लापता बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढना है। आसपास के इलाकों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि अगर कोई बहकर दूर निकल गया हो तो उसकी जानकारी मिल सके। गांव वालों में इस बात को लेकर गहरा दुख है कि एक दिन पहले जहाँ शहनाइयां बज रही थीं, आज वहां मातम छाया हुआ है।
Hamirpur में हुआ यह हादसा वाकई दिल दहला देने वाला है। छोटी सी लापरवाही या संतुलन बिगड़ने की वजह से कई मासूम जिंदगियां दांव पर लग गईं। कुदरत का कहर कहें या इत्तेफाक, लेकिन इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
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