Republic Day Parade 2026: भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह दिन भारतीय लोकतंत्र की ताकत और विविधता का प्रतीक है। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया, और राष्ट्रगान के साथ पूरे देश को एकता और अखंडता का संदेश दिया। समारोह में पहली बार दो मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और पीएम मोदी शामिल हुए। 21 तोपों की सलामी और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इस साल का परेड विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिसमें भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना ने अपनी ताकत और समर्पण का अद्भुत प्रदर्शन किया।

कर्तव्य पथ पर दिखा भारतीय सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सैन्य बलों ने अपनी शक्तियों और क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया। वायु सेना के अत्याधुनिक विमानों जैसे राफेल, सुखोई, मिग-29 और जगुआर ने कर्तव्य पथ के ऊपर अद्भुत फ्लाई पास्ट किया। 29 एयरक्राफ्ट के इस भव्य प्रदर्शन में विशेष रूप से सिंदूर, वज्रांग, अर्जन और प्रहार फॉर्मेशन देखने को मिले।
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इन वायुसेना के विमानों ने अलग-अलग आकर्षक फॉर्मेशन बनाए, जिनमें सिंदूर फॉर्मेशन विशेष रूप से चर्चा का विषय रहा। यह फॉर्मेशन 2 राफेल, 2 सुखोई, 2 मिग-29 और 1 जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट से बनाया गया था, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका को समर्पित था। आसमान में सिंदूर की रेखा जैसी दिखती यह फॉर्मेशन न केवल एयरोडायनामिक्स बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक था।
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की ताकत और एकता का प्रतीक
गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर: जॉइंटनेस के जरिए जीत” नामक एक शानदार ट्राई-सर्विसेज झांकी पेश की, जो भारतीय सेना की बदली हुई रक्षा क्षमताओं और सैन्य एकता को दर्शाती है। ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना की संयुक्त शक्ति का प्रदर्शन किया गया, ने राष्ट्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस झांकी ने दिखाया कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
ड्रोन शक्ति और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस की परेड में एक और प्रमुख आकर्षण ड्रोन शक्ति और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर का प्रदर्शन था। भारतीय सेना की यह नई पहल रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने का प्रतीक है। ड्रोन और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर का उपयोग सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो युद्धक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। यह प्रदर्शन भारतीय सेना की तकनीकी श्रेष्ठता और भविष्य की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।
आकाश और अभ्रा मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन
भारतीय सैन्य बलों ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में आकाश वेपन सिस्टम और अभ्रा मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (MRSAM) का भी प्रदर्शन किया। इन अत्याधुनिक मिसाइलों का उद्देश्य भारतीय आकाश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आकाश वेपन सिस्टम, जो भारतीय रक्षा उद्योग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने परेड में अपनी ताकत और परिशुद्धता का प्रमाण दिया।
77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर यादगार झलकियां
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राज्यों की झांकियों का अद्भुत प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को भी बखूबी दर्शाया गया। इस वर्ष 30 से अधिक राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां परेड में शामिल हुईं। इनमें उत्तर प्रदेश की झांकी ने बुंदेलखंड की भव्यता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाया। झांकी में कालिंजर के प्रसिद्ध एकमुख लिंग की मूर्ति को प्रमुखता से दिखाया गया, जो बुंदेलखंड की आध्यात्मिक और वास्तुकला की धरोहर का प्रतीक है।
नागपुर के ‘श्रीकृष्ण नृत्यालयम’ के कलाकारों ने मोहिनीअट्टम नृत्य प्रस्तुत किया, जो भारतीय कला और संस्कृति की महानता को दर्शाता है। इन झांकियों ने भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित किया।
भारतीय न्याय संहिता और नागरिक सुरक्षा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
गृह मंत्रालय की झांकी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नागरिक सुरक्षा कानूनों का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले ये कानून, भारतीय न्यायिक प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखे जा रहे हैं। इस झांकी ने यह भी दर्शाया कि कैसे नए कानून भारत के न्यायिक और नागरिक सुरक्षा क्षेत्र में सुधार लाएंगे।
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77वें गणतंत्र दिवस की परेड में गृह मंत्रालय – NDMA और NDRF की झांकी ने कर्त्तव्य पथ पर मार्च किया। इस झांकी की थीम 26 जनवरी 2001 के भुज भूकंप की 25वीं वर्षगांठ पर है, जो भारत की आपदा प्रबंधन यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण था।… pic.twitter.com/f4KY7oaDZg
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परेड का समापन और प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन
गणतंत्र दिवस परेड का समापन राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी के साथ हुआ। इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेशी मेहमानों, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कर्तव्य पथ से रवाना होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर्शक दीर्घा के पास जाकर लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन की महत्वता को और भी बढ़ाया और देशवासियों को इस महान दिन की शुभकामनाएं दी।
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प्रधानमंत्री @narendramodi ने गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद लोगों का अभिवादन किया। #RepublicDayOnDD #RepublicDay2026 #गणतंत्रदिवस_डीडी pic.twitter.com/u4Uqyhcb2N
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