देश के करोड़ों कामगारों, असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों और छोटे कारोबारियों के लिए बुधवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो बड़े और अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा और देश में रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा। सरकार के ये फैसले भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी अहम माने जा रहे हैं।
अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी
कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना (APY) को 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। यह योजना खास तौर पर असंगठित और कम आय वाले कामगारों के लिए बनाई गई है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी का कोई मजबूत साधन नहीं होता। इस योजना के तहत लाभार्थियों को बुढ़ापे में तय पेंशन मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है। सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और आम नागरिक को भविष्य के प्रति निश्चिंत बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।
SIDBI को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता
कैबिनेट ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता देने को भी मंजूरी दी है। यह राशि वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा तीन चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी। वित्त वर्ष 2025-26 में 3,000 करोड़ रुपये, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में 1,000-1,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। इस निवेश से SIDBI की पूंजी मजबूत होगी और उसकी ऋण देने की क्षमता में इजाफा होगा।
MSME सेक्टर को मिलेगा सीधा लाभ
SIDBI को दी जाने वाली इक्विटी सहायता का सबसे बड़ा फायदा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को मिलेगा। मजबूत वित्तीय स्थिति के चलते MSMEs को आसानी से कर्ज मिल सकेगा, जिससे उनका विस्तार संभव होगा। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 के अंत तक वित्तीय सहायता पाने वाले MSMEs की संख्या 76.26 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 तक लगभग 1.02 करोड़ हो जाएगी।
रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार
MSME सेक्टर के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी तेजी से पैदा होंगे। अनुमान के मुताबिक, करीब 25.74 लाख नए MSMEs को इसका लाभ मिलेगा और लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित हो सकते हैं। यह फैसला जमीनी स्तर पर रोजगार बढ़ाने में अहम भूमिका दिखाएगा।

