Lucknow के इकाना स्टेडियम में IPL मैच देखने का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इसी उत्साह का फायदा उठाकर कुछ लोग ठगी का खेल खेल रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो असली जैसे दिखने वाले नकली टिकट बेचकर लोगों को चूना लगा रहा था। साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के चार युवकों को गिरफ्तार किया है।

स्टेडियम के गेट पर ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जालौन के रहने वाले प्रदीप सिंह 7 मई को मैच देखने स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने बाहर खड़े कुछ युवकों से 1000 रुपये में टिकट खरीदे थे। लेकिन जब वे एंट्री गेट पर पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने उनके टिकट को फर्जी बताकर रोक दिया। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Lucknow पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और बुधवार को दोदनखेड़ा चौराहे के पास से आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और नया ऑफिस खोलने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी वजह से उन्होंने नकली IPL टिकट बेचने की योजना बनाई।

ChatGPT और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का किया इस्तेमाल
पूछताछ में जो खुलासे हुए वे काफी चौंकाने वाले हैं। पकड़े गए आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन, राजेंद्र और विश्वजीत ने बताया कि वे सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे। इसके बाद Corel Draw जैसे प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर की मदद से हुबहू नकली टिकट तैयार किए जाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने टिकट की साइज, पेपर क्वालिटी और बारीक डिजाइन को समझने के लिए ChatGPT की भी मदद ली थी।

दिल्ली में फेल होने के बाद आए लखनऊ
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी अपनी किस्मत आजमाने गया था। हालांकि, वहां बारकोड मैच न होने की वजह से वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने अपनी तकनीक में सुधार किया और Lucknow आ गए। आरोपियों ने बताया कि उन्हें नया ऑफिस खोलने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ठगी का यह रास्ता चुना।

आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 नकली टिकट, 14 प्रिंटेड शीट, एक लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड, CG नंबर की रिट्ज कार और टिकट काटने के लिए पेपर कटर बरामद किया है। Lucknow पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य डिजाइनिंग का काम जानता था, जिसने यूट्यूब से यह सब सीखा था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को शिकार बनाया है।
Lucknow में हुई इस घटना ने उन क्रिकेट प्रेमियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है जो स्टेडियम के बाहर से टिकट खरीदते हैं। हमेशा याद रखें कि आधिकारिक वेबसाइट या काउंटरों के अलावा कहीं और से टिकट खरीदना आपको भारी पड़ सकता है। Lucknow पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक बड़े फर्जीवाड़े को रोक दिया है, लेकिन दर्शकों को भी अब अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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