Trump UN General Assembly Speech: सात महीनों में सात युद्ध समाप्त, नोबेल शांति पुरस्कार की उम्मीद

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न्यूयॉर्क, अमेरिका, 23 सितंबर:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के केवल सात महीनों के भीतर वह कर दिखाया है जिसे कई लोग असंभव मानते थे।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सात “अंतहीन” युद्धों को समाप्त किया है और इस साल की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में भूमिका निभाने के अपने दावे को भी दोहराया।

उन्होंने विश्व नेताओं से कहा, “सिर्फ सात महीनों में मैंने सात अंतहीन युद्ध समाप्त कर दिए। कहा जाता था कि ये कभी खत्म नहीं होंगे। कुछ युद्ध 31 साल से चल रहे थे, एक तो 36 साल से। मैंने इन संघर्षों को समाप्त किया, जिनमें हज़ारों लोगों की जान गई थी।”

ट्रंप ने जिन संघर्षों की सूची दी, उनमें कंबोडिया-थाईलैंड, सर्बिया, कांगो-रवांडा, भारत-पाकिस्तान, इज़राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अज़रबैजान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि युद्धों को रोकने के लिए उनके प्रयास निर्णायक साबित हुए और कई मामलों में व्यापार को साधन बनाया गया। “भारत और पाकिस्तान के बारे में सोचिए। मैंने दोनों नेताओं को कहा कि अगर युद्ध हुआ तो व्यापार बंद होगा। और वे मान गए। इस तरह व्यापार ने शांति में अहम भूमिका निभाई।”

ट्रंप ने यहां तक कहा कि उन्हें “सात युद्ध समाप्त करने” के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने वाशिंगटन में एक कार्यक्रम में भी यही बात दोहराई थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष उनकी शांति पहल की सबसे बड़ी चुनौती रहा। “अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। मेरे कार्यकाल के चार सालों तक यह मुद्दा कभी युद्ध में नहीं बदला।”

हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाना अपेक्षा से कठिन साबित हुआ। “मुझे लगा था कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरे संबंधों की वजह से यह सबसे आसान होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर भी, हम किसी न किसी तरह इसे हल कर लेंगे।”

ट्रंप ने आरोप लगाया कि पुतिन ने उन्हें निराश किया है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हर हफ़्ते हज़ारों लोग मारे जा रहे हैं और रूसी सैनिकों की मौतें भी भारी संख्या में हो रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा की कीमतें युद्ध के सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। “अगर तेल की कीमतें और कम हो जाएँ, तो यह युद्ध स्वतः रुक सकता है।”

ट्रंप ने अपनी कूटनीतिक कोशिशों को याद करते हुए बताया कि अलास्का में पुतिन के साथ शिखर वार्ता के दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ सीधे बातचीत करने का आग्रह किया था। हालांकि, उनके अनुसार उस समय शांति समझौता संभव नहीं हो पाया।

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया था, जिसे मॉस्को ने “सैन्यीकरण खत्म करने और नाज़ीवाद मिटाने” का नाम दिया। यह संघर्ष 2014 में क्रीमिया पर कब्ज़े के बाद शुरू हुआ था और 2022 में पूर्ण युद्ध का रूप ले लिया। वर्तमान में डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों में रूसी बढ़त और यूक्रेनी जवाबी हमलों के बीच युद्ध जारी है।

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