देहरादून (उत्तराखंड), 23 सितंबर:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के राजपुर रोड क्षेत्र में आयोजित ‘जीएसटी बचत महोत्सव’ के दौरान कई दुकानों का दौरा किया और व्यापारियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने दुकानदारों और व्यवसाय मालिकों के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश की और उन्हें नई जीएसटी दरों के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि नई जीएसटी दरें लागू करना एक ऐतिहासिक और जनहितकारी फैसला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी स्लैब में व्यापक सुधार किए हैं, जिससे सीधे तौर पर लाखों परिवारों और छोटे व्यापारियों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि कम जीएसटी का लाभ आम जनता तक पहुँचे। उन्होंने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा “आत्मनिर्भर भारत” पहल में सक्रिय योगदान करने की भी अपील की।
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मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि जीएसटी पर राज्यव्यापी जागरूकता अभियान 29 सितंबर तक चलाया जाएगा। इसमें मंत्री, विधायक और अधिकारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे और नए जीएसटी स्लैब के लाभों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
त्योहारी सीज़न से पहले नई जीएसटी दरों के लागू होने पर उन्होंने कहा कि इससे न केवल जनता की बचत बढ़ेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में सुधार, जिसे इस महीने की शुरुआत में जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में मंजूरी दी गई थी, सोमवार से लागू हो गया है।
नए सुधारों के तहत, पहले की चार-दर प्रणाली को समाप्त कर 5% और 18% की दो-स्लैब प्रणाली लागू की गई है। वहीं, विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 40% का अलग स्लैब बरकरार रखा गया है।
इस नए ढांचे से कर अनुपालन आसान होगा, उपभोक्ता कीमतों में कमी आएगी और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। कृषि, ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उद्योगों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका मुख्य उद्देश्य जीवन-यापन की लागत कम करना, एमएसएमई को सशक्त बनाना, कर आधार का विस्तार करना और समावेशी विकास को गति देना है।







