भारतीय क्रिकेट टीम में KL Rahul का नाम अब सिर्फ एक तकनीकी बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में लिया जाने लगा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे मैच में राहुल ने नाबाद 112 रन की शानदार पारी खेलकर यही साबित किया। जब टीम दबाव में थी और विकेट गिर चुके थे, तब राहुल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
मुश्किल वक्त में टीम का सहारा
भारत की शुरुआत ठीक-ठाक रही थी, लेकिन 118 रन पर चार विकेट गिरने के बाद टीम संकट में आ गई। ऐसे समय में केएल राहुल क्रीज पर आए और सबसे पहले पारी को संभालने पर ध्यान दिया। उन्होंने गैर-जरूरी शॉट्स खेलने से परहेज किया और गैप्स में गेंद डालकर रन बटोरे। राहुल की यही खासियत उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से अलग बनाती है।
रविंद्र जडेजा के साथ उनकी साझेदारी ने भारत की पारी को स्थिरता दी। इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ भी KL RAHUL ने समझदारी से खेलते हुए स्कोर को आगे बढ़ाया।

डेथ ओवर्स में राहुल का असर
KL Rahul की सबसे बड़ी ताकत पारी के आखिरी ओवरों में सामने आती है। जैसे ही 40 ओवर पूरे होते हैं, उनका खेल पूरी तरह बदल जाता है। राजकोट वनडे में भी यही देखने को मिला। आखिरी ओवरों में उन्होंने बड़े शॉट्स लगाए और रन रेट को तेजी से ऊपर ले गए।
आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 के बाद से ओवर 41 से 50 के बीच सबसे ज्यादा वनडे रन राहुल ने ही बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 140 से ऊपर रहा है, जो दिखाता है कि वह सिर्फ टिकते नहीं, बल्कि मैच को विपक्षी टीम से छीन लेते हैं।
Calm and Composed Centurion 💯
When the going gets tough, the tough gets going 😎
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— BCCI (@BCCI) January 14, 2026
न्यूजीलैंड के खिलाफ खास रिश्ता
न्यूजीलैंड के खिलाफ KL Rahul का रिकॉर्ड बेहद शानदार है। 10 वनडे पारियों में उन्होंने 469 रन बनाए हैं और उनका औसत करीब 94 का रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और एक अर्धशतक निकले हैं। राजकोट में खेली गई 112 रन की नाबाद पारी अब इस टीम के खिलाफ उनका सर्वोच्च स्कोर है।
ऐसा लगता है जैसे कीवी गेंदबाजी राहुल के सामने अपनी धार खो देती है। तेज गेंदबाज हों या स्पिनर, राहुल हर किसी के खिलाफ अपनी रणनीति साफ रखते हैं।
शांत स्वभाव, बड़ा असर
KL Rahul की बल्लेबाजी में सबसे खास बात उनका शांत स्वभाव है। वह न तो जल्दी घबराते हैं और न ही जरूरत से ज्यादा आक्रामक होते हैं। जब टीम को संभालने की जरूरत होती है, तब वह दीवार बन जाते हैं और जब तेजी चाहिए, तब वही बल्लेबाज घातक रूप ले लेते हैं।
राजकोट में शतक पूरा करने के बाद भी राहुल का जश्न बेहद सादा था। हेलमेट उतारकर उन्होंने दर्शकों का अभिवादन किया, लेकिन उनके चेहरे पर वही ठहराव दिखा, जो उनकी बल्लेबाजी में नजर आता है।
भारत के लिए बढ़ती अहमियत
वनडे क्रिकेट में जैसे-जैसे मैच आखिरी 10 ओवरों में तय हो रहे हैं, वैसे-वैसे KL Rahul की अहमियत और बढ़ती जा रही है। वह अब सिर्फ टॉप या मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर टीम मुश्किल वक्त में आंख बंद करके भरोसा कर सकती है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ यह शतक सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि KL Rahul भारतीय वनडे टीम के सबसे कीमती खिलाड़ियों में से एक बन चुके हैं।
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