Ahoi Ashtami Radhakund : अहोई अष्टमी के पावन अवसर पर गोवर्धन स्थित पवित्र राधाकुंड में भक्ति, आस्था और ममता का अद्भुत संगम देखने को मिला। किसी मां की आंखों में वर्षों से सूनी गोद भरने का सपना था, तो किसी की पलकों पर अपनी संतान को स्वस्थ देखने का आभार छलक रहा था। अहोई अष्टमी की रात राधाकुंड में केवल स्नान ही नहीं हुआ, बल्कि ममता की अनगिनत प्रार्थनाएं और विश्वास के भाव उमड़ पड़े। आंचल फैलाकर राधारानी के सामने संतान प्राप्ति की अभिलाषा लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के राधे-राधे के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। शाम को आकाश में तारों के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत का पारण किया गया। उधर, राधाकुंड के घाटों पर अहोई अष्टमी की रात हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। जिन दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति हो चुकी है, उन्होंने राधारानी के चरणों में दीपदान कर अपना आभार व्यक्त किया। पूरी रात श्रद्धालुओं ने कुंड की परिक्रमा की, भजन-कीर्तन किए और जल में खड़े होकर ‘राधा कृपा कटाक्ष’ का पाठ किया।
मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देशन में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। राधाकुंड परिसर में पुलिस बल, पीएसी, एनसीसी कैडेट्स और राजस्व विभाग की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं, जिससे देश-विदेश से पहुंचे भक्तों को दर्शन और स्नान में कोई असुविधा न हो।
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