Namo Book Fest Varanasi: धर्म और संस्कृति की नगरी Varanasi स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर (Rudraksh Convention Centre) में 2 दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट : जेन वी फेस्टिवल’ (Namo Book Fest Gen-V) की शुरुआत हुई है। यह विशेष पुस्तक मेला पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, उनके नेतृत्व और केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों पर आधारित है। फेस्ट में देश-विदेश के लेखकों द्वारा लिखी गई 500 से अधिक किताबों को प्रदर्शित किया गया है। किताबों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल क्रांति और आध्यात्मिकता जैसे अहम विषयों को पाठकों के सामने रखा गया है।
युवाओं और नीतियों के बीच सीधा संवाद
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. पवन विजय ने बताया कि पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और सरकार की कार्यशैली पर 500 से अधिक पुस्तकें लिखी गई हैं। ये पुस्तकें सिर्फ जीवनी नहीं हैं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के विजन और सरकारी योजनाओं का व्यावहारिक दस्तावेज़ हैं। फेस्ट का मुख्य उद्देश्य इन सभी पुस्तकों को एक मंच पर लाकर आज की युवा पीढ़ी (Gen-V) तक पहुंचाना है। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को देश की नीतियों, अर्थव्यवस्था और सरकार के दृष्टिकोण को गहराई से समझने का अवसर मिलेगा।
साहित्य, सिनेमा और विशेषज्ञों का संगम
इस दो दिवसीय महोत्सव में साहित्य के साथ-साथ सिनेमा और साहसिक गतिविधियों का भी अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। फेस्ट के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न वैचारिक सत्रों में देश की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हो रही हैं। इनमें प्रसिद्ध लेखक अमीश त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव और विशाल सहाय जैसे नाम शामिल हैं जो अलग-अलग विषयों पर पैनल डिस्कशन करेंगे। इसके अलावा फिल्म ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर और विख्यात महिला बाइकर कंचन भी युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करेंगी।
7 अक्टूबर की तारीख का ऐतिहासिक महत्व
आयोजक डॉ. पवन विजय के अनुसार इस महोत्सव के लिए 7 और 8 अक्टूबर का समय विशेष कारण से चुना गया है। 7 अक्टूबर 2001 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली थी। इस प्रकार उनके सार्वजनिक सेवा जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह पुस्तक मेला एक तरह से उनके 25 वर्षों के लंबे प्रशासनिक सफर, विकास मॉडल और जन-विश्वास का लेखा-जोखा प्रस्तुत करता है, जिसका मूल्यांकन देश की जनता और युवा वर्ग कर रहे हैं।
