Lucknow Green Corridor Flyover: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहे नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना (Green Corridor) के अंतर्गत निर्मित राजधानी का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर (Flyover) इस बार दीपावली (Diwali) से पहले आम जनता की आवाजाही के लिए चालू कर दिया जाएगा। इस 2-लेन फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद डालीगंज (Daliganj) से पक्का पुल के बीच की दूरी तय करने में महज 2 मिनट का समय लगेगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक सभी फिनिशिंग काम पूरे करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आइए जानते हैं कि इस नए फ्लाईओवर से पुराने लखनऊ की यातायात व्यवस्था में क्या बड़े बदलाव आने वाले हैं।
25 मीटर की ऊंचाई और 1.1 किलोमीटर की लंबाई
यह नया 2-लेन फ्लाईओवर पक्का पुल से डालीगंज रोटरी के मध्य बनाया गया है। इसकी कुल लंबाई 1.1 किलोमीटर है और यह रेलवे लाइन (railway line) के ऊपर से गुजरता है। जमीन से इसकी कुल ऊंचाई लगभग 25 मीटर है, जो इसे लखनऊ का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर बनाती है। वर्तमान में मुख्य सिविल स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और सड़क पर तारकोल बिछाने के साथ-साथ मॉडर्न स्ट्रीट लाइट्स लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
10 लाख नागरिकों को मिलेगी जाम से राहत
इस नए एलिवेटेड रूट के खुल जाने से पक्का पुल से सीधे समतामूलक चौराहे तक बिना किसी रुकावट के गाड़ियां फर्राटा भर सकेंगी। पुराने लखनऊ के बेहद घने और व्यस्त क्षेत्रों में रहने वाले करीब 10 लाख लोगों को रोजाना के भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी। इससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।
विशेषज्ञों की मदद से तैयार इंटीग्रेटेड रोटरी
फ्लाईओवर पर गाड़ियों के सुरक्षित चढ़ाव और उतार के लिए टीले वाली मस्जिद के समीप एक नई इंटीग्रेटेड रोटरी बनाई जा रही है। इसके अलावा मरी माता मंदिर के पास स्थित पुरानी रोटरी को री-मॉडल करके 4-लेन का रास्ता बनाया जाएगा। इस पूरे जंक्शन का ट्रैफिक प्लान और तकनीकी नक्शा IIT BHU और VNIT नागपुर के विशेषज्ञों द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे के आधार पर तैयार किया गया है।
ऐतिहासिक पक्का पुल बनेगा पेडेस्ट्रियन ब्रिज
निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष ने ऐतिहासिक पक्का पुल (हर्डिंग ब्रिज) के संरक्षण से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी साझा किया। यूपी राज्य सेतु निगम द्वारा गोमती नदी पर पक्का पुल के समानांतर एक नया पुल बनाया जा रहा है। जैसे ही नया पुल चालू होगा, पुराने पक्का पुल पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद इस ऐतिहासिक धरोहर को केवल पैदल यात्रियों और पर्यटकों के लिए पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
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