PM Modi 25 Years : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 7 अक्टूबर का दिन बेहद खास रहा। सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके 25 साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी। सीएम योगी ने इसे खुशी का मौका बताते हुए पीएम मोदी की जनसेवा, नेतृत्व और ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच की तारीफ की। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने ‘जनसेवा से राष्ट्र सेवा’ को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री की 25 साल की यात्रा देश की सेवा के प्रति उनकी लगातार प्रतिबद्धता को दिखाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यहीं से सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके लंबे राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल काम करने के बाद मई 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2019 में वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बने और 2024 में तीसरी बार इस पद की शपथ ली। इस तरह नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में 25 साल का यह पड़ाव काफी अहम माना जा रहा है।
CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी का 25 साल तक सरकार के मुखिया के रूप में रहना सभी के लिए खुशी का अवसर है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का जीवन जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, मजबूत संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को दिखाता है। सीएम योगी के मुताबिक, प्रधानमंत्री का जीवन लोगों को विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करता है। एक वीडियो संदेश में भी सीएम योगी ने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मेहनत और लंबी यात्रा ने देश को एक ऐसे नए भारत को देखने का मौका दिया है, जिस पर लोग गर्व कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर सिर्फ मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू नहीं हुआ था। संगठन के स्तर पर उनका जुड़ाव काफी पहले से रहा है। 1987 में वे भाजपा की गुजरात इकाई के महासचिव बने। 1995 में गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारी और बढ़ी। इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और वे दिल्ली चले गए। यहां उन्हें कई राज्यों में पार्टी के संगठन का काम देखने की जिम्मेदारी मिली। 1998 में नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने। इसके कुछ साल बाद अक्टूबर 2001 में उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया।
गुजरात से दिल्ली तक का सफर
जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, उस समय राज्य भुज भूकंप के असर से जूझ रहा था। इसके साथ ही राज्य के सामने कई प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियां भी थीं। मोदी मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद से केंद्र की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना हुआ है।
पीएम मोदी के कार्यकाल में क्या बदला?
पिछले 25 वर्षों की राजनीति में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकारों ने सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएं और तकनीक आधारित प्रशासन इस दौरान सरकारी कामकाज का अहम हिस्सा बने हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अत्यधिक गरीबी के स्तर में भी लंबे समय में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी भूमिका पर भी काफी ध्यान दिया गया है। प्रमुख देशों के साथ संबंध मजबूत करने के साथ-साथ ‘ग्लोबल साउथ’ में भारत की भूमिका को आगे बढ़ाने की कोशिश हुई है। सरकार की ओर से भारत को आर्थिक और रणनीतिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ वैश्विक मंचों पर देश की स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। PM Modi के 25 साल पूरे होने के मौके पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी उन्हें बधाई दी। मंगलवार को मंत्रिमंडल की ओर से एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके लगातार 25 साल के नेतृत्व को याद किया गया।
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