भारत सरकार और देश की सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए नार्को-ट्रैफिकिंग (narco trafficking) के आरोपी नवप्रीत सिंह (Navpreet Singh) को तुर्किये (Türkiye) से शनिवार को भारत डिपोर्ट किया गया है।
भारत लाए जाने के बाद नवप्रीत सिंह के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नवप्रीत सिंह के भारत डिपोर्ट किए जाने की जानकारी दी है, साथ ही इसे मोदी सरकार के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। आखिर नवप्रीत सिंह तक भारतीय एजेंसियां कैसे पहुंचीं और उसे तुर्किये से भारत कैसे लाया गया ?
फर्जी पहचान से तुर्किये पहुंचा था नवप्रीत!
नवप्रीत सिंह ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा था। अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता था। तुर्किये में नवाब विर्क के नाम से बनाई फर्जी पहचान बना कर रहता था। इसी फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। भारतीय एजेंसियों ने एक-एक कर उसकी फर्जी पहचान का पर्दा फास किया। इसके बाद तुर्किये से उसके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हुई। शनिवार को नवप्रीत सिंह को भारत डिपोर्ट किया गया।
भारत पहुंचने के बाद अब नवप्रीत सिंह के खिलाफ ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से देश को नशामुक्त बनाने के लिए नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। जिसकी शुरूआत 15 अगस्त 2020 को हुई थी और 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी अभियान के तहत बुधवार को गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने अरब सागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ईरानी नाव से 526 किलो नशीले पदार्थ और 5 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े थे ।
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