Lucknow Crime : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बहुत ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लखनऊ की मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने केजीएमयू (KGMU) के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा के सनसनीखेज डबल मर्डर केस का पर्दाफाश कर दिया है।
जमीन खरीदने के नाम पर शुरू हुई यह कहानी 60-70 लाख रुपये की रंगदारी और फिर दोनों की बेरहमी से हत्या पर खत्म हुई। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं कि इस खौफनाक वारदात को कैसे अंजाम दिया गया।
जमीन दिखाने के बहाने बुलाया और बनाया बंधक
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक पवन गर्ग प्रॉपर्टी में करीब 60 से 70 लाख रुपये इन्वेस्ट करना चाहते थे। मुख्य आरोपी नितिन मिश्रा पवन का परिचित था और उसे इस बात की भनक लग गई थी। नितिन ने इतनी बड़ी रकम ऐंठने के लिए अपहरण और फिरौती का खतरनाक प्लान तैयार किया।
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ढाबे पर पार्टी: नितिन ने जमीन दिखाने के बहाने पवन को इटौंजा बुलाया। पवन अपने साथी सचिन के साथ ब्रेजा कार से पहुंचे, जहां नितिन और उसके साथी थार व दूसरी गाड़ियों में मौजूद थे।
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शराब पिलाकर बंधक बनाया: सभी ने फौजी ढाबे पर खाना खाया और शराब पी। इसके बाद आरोपी दोनों को नशे की हालत में अपने अंडर-कंस्ट्रक्शन मकान पर ले गए और वहां बंधक बना लिया।
रातभर पिटाई के बाद भी नहीं दिए पैसे, तो घोंट दिया गला
बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने पवन से मोटी रकम की मांग की और उनकी बेदर्दी से पिटाई की। लेकिन पूरी रात टॉर्चर सहने के बाद भी जब पवन ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों के सिर पर खून सवार हो गया।
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गला दबाकर हत्या: पैसे न मिलने से बौखलाए आरोपियों ने सुबह पवन और सचिन दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी।
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लूटपाट और शव ठिकाने लगाना: मर्डर के बाद आरोपियों ने पवन की सोने की चेन और अंगूठी लूट ली। फिर दोनों के शवों को गाड़ी में लादकर सीतापुर में घाघरा नदी में बहा दिया।
पुलिस ने सामान किया बरामद, नदी में शवों की तलाश जारी
27 सितंबर को परिजनों ने मड़ियांव थाने में पवन गर्ग की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो इस पूरे हत्याकांड की पोल खुल गई।
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बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई सोने की चेन, अंगूठी और मृतक की ब्रेजा कार सीतापुर से बरामद कर ली है।
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शवों की तलाश: लखनऊ और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीमें घाघरा नदी में दोनों के शवों की तलाश में जुटी हुई हैं, हालांकि अभी तक शव बरामद नहीं हो सके हैं।
यह घटना इस बात का कड़वा सबक है कि पैसों के लालच में आज अपने ही सबसे बड़े दुश्मन बन रहे हैं। लखनऊ पुलिस की मुस्तैदी से सभी आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस जघन्य अपराध ने एक बार फिर पूरे शहर को सन्न कर दिया है।
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