Lovlina Borgohain Asian Games Gold Medal: भारतीय मुक्केबाजी की स्टार खिलाड़ी लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स (Asian games) में अपने पदक का रंग बदलते हुए इतिहास रच दिया है। 2024 पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद लवलीना ने मुक्केबाजी को अलविदा कहने का मन बना लिया था। हालांकि, खेल जारी रखने का उनका फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ और उन्होंने अपने जन्मदिन पर देश को स्वर्ण पदक (gold medal) का तोहफा दिया।
चीन की खिलाड़ी को 5-0 से हराकर जीता gold
ओलंपिक कांस्य पदक (bronze medal) विजेता लवलीना ने 75 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की जियी बाओ को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में भारत के 12 साल से चले आ रहे स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म कर दिया। इससे पहले पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था।
मुश्किल दौर से गुजरने के बाद की जोरदार वापसी
असम की रहने वाली इस स्टार मुक्केबाज ने मुकाबले के बाद बताया कि पिछला एक साल उनके लिए काफी चुनौतियों से भरा रहा। पेरिस ओलंपिक में पदक न मिलने के बाद उन्होंने खेल से एक साल का ब्रेक लिया था। लवलीना ने कहा कि वह रिंग छोड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और खेल जारी रखा। राष्ट्रमंडल खेलों में भी वह स्वर्ण से चूक गई थीं, इसलिए एशियन गेम्स में पदक का रंग बदलना उनके लिए बेहद खास था।
जीत के बाद मां को सबसे पहले फोन करने की जताई इच्छा
29 साल की लवलीना ने कहा कि जापान उनके लिए काफी भाग्यशाली रहा है। जब उनसे पूछा गया कि इस ऐतिहासिक जीत के बाद वह सबसे पहले किसे फोन करेंगी, तो उन्होंने अपनी मां का नाम लिया। लवलीना ने मुस्कुराते हुए बताया कि उनकी मां उनके मैच लाइव नहीं देखतीं क्योंकि वह बहुत घबरा जाती हैं, इसलिए वह फोन करके ही अपनी जीत की खुशखबरी अपनी मां को सबसे पहले देंगी।
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