Gorakhpur Bal mela: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में बच्चों और युवाओं से सीधा संवाद किया। एक मीडिया हाउस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में CM Yogi ने करीब 70 विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने तकनीक, पढ़ाई के दबाव, रोजगार और उत्तर प्रदेश के बदलते माहौल पर खुलकर बातचीत की।
तकनीक के साथ किताबों का महत्व
CM Yogi ने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सवालों के जवाब दे सकता है और हमारा काम आसान बना सकता है। हालांकि, सही सवाल पूछने की समझ और जिज्ञासा अच्छी किताबों और समाचार पत्रों से ही आती है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे तकनीक का इस्तेमाल जरूर करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हों। भाषा, व्याकरण और नई जानकारियों को समझने के लिए रोजाना अखबार पढ़ने की आदत डालें।
बच्चों पर न बनाएं अंकों का बेवजह दबाव
CM Yogi ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर पढ़ाई और परीक्षा में ज्यादा नंबर लाने का बेवजह दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि नंबर उतने ही जरूरी हैं जितनी मानसिक संतुष्टि मिले। ऐसा दबाव कभी नहीं होना चाहिए जिससे बच्चे का खेलना, खाना और सोना प्रभावित हो। असफलता से निराश न होने की सीख देते हुए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया, जो फाइटर पायलट नहीं बन सके लेकिन आगे चलकर मिसाइल मैन बने।
UP में सुधरी कानून व्यवस्था और मिला रोजगार
प्रदेश के पिछले कुछ वर्षों के बदलाव का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की छवि ठीक नहीं थी और युवाओं के सामने पहचान का संकट रहता था। उस समय हर दूसरे दिन दंगे और कर्फ्यू का माहौल रहता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह दंगा मुक्त और सुरक्षित प्रदेश बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ सालों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें केवल पुलिस विभाग में 2.30 लाख से ज्यादा भर्तियां शामिल हैं।
आर्थिकी और स्टार्टअप्स का बढ़ा दायरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी पिछड़े राज्यों की गिनती में आता था, लेकिन आज यह देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। साल 2017 से पहले जहां राज्य में केवल 120 स्टार्टअप थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 24 हजार से ज्यादा हो चुकी है। अब यूपी का युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि स्टार्टअप के जरिए दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है।
खिलाड़ियों और बेटियों को मिल रहा पूरा प्रोत्साहन
खेलों के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी पर बात करते हुए सीएम योगी ने बताया कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक (golden medal) जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को छह करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी दी जाती है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण दिया, जिन्हें सीधे डिप्टी एसपी बनाया गया। सीएम योगी ने यह भी रेखांकित किया कि सम्मानित होने वाले बच्चों में बेटियों की संख्या अधिक थी, जो साबित करती है कि मौका मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर सकती हैं।
शहर की विरासत को समझने की दी सलाह
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपने शहर के इतिहास और विरासत को जानने की बात कही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे स्टेशन और रामगढ़ताल जैसी जगहों की व्यवस्था और इतिहास को समझने का सुझाव दिया। साथ ही, सांसद रवि किशन से कहा कि वे बच्चों को शूटिंग स्थल पर ले जाएं ताकि वे फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को भी करीब से समझ सकें।
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