Nepal Heavy Rain : नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। अलग-अलग घटनाओं में अब तक 21 लोगों की मौत की खबर है। बागलुंग जिले में भूस्खलन के कारण एक घर मलबे में दब गया, जिसमें एक महिला और उसके तीन बेटों की जान चली गई। वहीं पाल्पा जिले में भी दो लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश के कारण कई घर और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगहों पर सड़कें और हाईवे बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बुटवल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही नारायणी नदी
लगातार बारिश के कारण नेपाल की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवघाट में नारायणी नदी का जलस्तर रविवार सुबह 7:45 बजे करीब 11 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बताया गया। अधिकारियों ने नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। बुटवल में भी बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ और भूस्खलन का असर नेपाल के बिजली क्षेत्र पर भी पड़ा है। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन रोकना पड़ा है। इनमें कालीगंडकी, अपर मादी, सुपर मादी, नामार्जुन मादी और सेती रिवर प्रोजेक्ट शामिल हैं। भूस्खलन और बाढ़ के कारण बिजली की ट्रांसमिशन व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। 220 किलोवोल्ट की कालीगंडकी कॉरिडोर ट्रांसमिशन लाइन के दो टावर गिरने की जानकारी सामने आई है। कई अन्य जगहों पर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है।
किसानों की फसलों को भी नुकसान
बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भी भारी तबाही मचाई थी। नेपाल सरकार के ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर तक इस आपदा से प्रभावित क्षेत्र में 1,453 शव बरामद किए जा चुके थे और 5,285 लोग अभी भी लापता बताए गए थे। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में खोज और राहत अभियान चला रही हैं। लगातार बारिश के कारण नेपाल में एक बार फिर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।



