Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राज्य में बारिश की स्थिति और संभावित चुनौतियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर पूरे प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अलग-अलग जिलों के अधिकारियों से बातचीत कर बारिश, मौजूदा हालात और संभावित खतरों की जानकारी ली। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड मौसम को लेकर प्रशासन अलर्ट
उत्तराखंड मौसम को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से लगातार निगरानी की जा रही है। जिलों से नियमित रूप से फीडबैक लिया जा रहा है और जरूरत के हिसाब से संबंधित विभागों को निर्देश दिए जा रहे हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेश में बारिश की स्थिति और तैयारियों को लेकर जानकारी ली है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी जिलों और संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। फील्ड में तैनात टीमें और अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। राहत और बचाव से जुड़े जरूरी संसाधनों को भी तैयार रखा गया है।
मौसम विभाग की 27 सितंबर की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य के बाकी सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन को विशेष सावधानी बरतने और संभावित आपात स्थितियों के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
उत्तराखंड बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले इलाकों पर खास निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को लगातार सक्रिय रखने को कहा गया है। किसी भी घटना की जानकारी तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव टीमों को बिना देरी के मौके पर भेजा जाएगा।
नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील
बारिश के दौरान नदी-नालों और गदेरों के आसपास अनावश्यक आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी मौसम की स्थिति की जानकारी लगातार देने को कहा गया है। पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली, पेयजल और अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी अधिकारी और फील्ड टीमें पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाना और राहत-बचाव कार्य शुरू करना प्राथमिकता होगी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र भी प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



