Bareilly: मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से बरेली के बहेड़ी ब्लॉक की सुशीला देवी (Sushila Devi) ने आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। ग्राम पंचायत बरौरी निवासी सुशीला देवी जनपद की पहली ‘लखपति से करोड़पति दीदी’ बनी हैं।
उन्होंने मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को व्यवसाय बनाकर अपनी आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। उनके ‘हनी महिला स्वयं सहायता समूह’ से 17 महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि 50 से अधिक महिलाओं को आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। सरकारी सहायता से उन्होंने हनी प्रोसेसिंग और बॉटलिंग यूनिट स्थापित की है। अब 800 उन्नत मधुमक्खी बॉक्स के जरिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। समूह द्वारा स्कूलों में शुद्ध शहद की आपूर्ति भी की जा रही है।
सुशीला देवी बताती हैं कि यदि सरकार की योजनाओं का सहयोग न मिलता तो इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उनके समूह को रिवॉल्विंग फंड से 30,000 रुपये और सामुदायिक निवेश फंड के माध्यम से लगभग 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने और व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिली। ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई बहेड़ी के सहयोग से उनके समूह को मुख्यमंत्री युवा उद्यम विकास योजना के तहत 3.50 लाख रुपए की धनराशि प्राप्त हुई। इस धनराशि से उन्होंने 100 उन्नत बॉक्स खरीद कर हनी प्रोसेसिंग और बॉटलिंग यूनिट स्थापित की।
यह भी पढ़ें: Hardoi News : सुखेता नदी पर बनेगा नया पुल, हरपालपुर में बस अड्डे के लिए 5.65 करोड़ रुपये मंजूर



